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    असम में 2021 से अब तक पुलिस हिरासत व मुठभेड़ों में 80 मौतें, जेलों में बंद हैं 11, 241 कैदी

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 10:55 PM (IST)

    असम सरकार ने बताया कि 2021 से अब तक पुलिस हिरासत और मुठभेड़ों में 80 लोगों की मौत हुई है। इनमें 39 मौतें पुलिस हिरासत में और 41 अदालत में पेशी से पहले हुईं। मुठभेड़ों में 223 लोग घायल हुए। सभी मामलों में मजिस्ट्रेट जांच की गई और NHRC के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। जेलों में 11,241 कैदी बंद हैं।

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    असम में 2021 से अब तक पुलिस हिरासत व मुठभेड़ों में 80 मौतें (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। असम विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन राज्य सरकार ने बताया कि साल 2021 से अब तक पुलिस हिरासत और मुठभेड़ों में कुल 80 लोगों की मौत हुई है। राज्य के मंत्री रूपेश गोला ने यह जानकारी एक सवाल के जवाब में दी।

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    उन्होंने बताया कि इनमें से 39 लोगों की मौत पुलिस हिरासत में हुई, जबकि 41 लोग अदालत में पेश होने से पहले ही हिरासत के दौरान मारे गए। गोला के अनुसार, 2021 में 31 मौतें हुईं, 2022 में 18, 2023 में 13, 2024 में 10 और इस साल 19 नवंबर तक आठ मौतें दर्ज की गईं।

    मुठभेड़ों में 223 लोगों के घायल होने की जानकारी

    चार साल से अधिक की अवधि में पुलिस मुठभेड़ों में 223 संदिग्ध अपराधी घायल हुए। 2021 में 67 लोग घायल हुए, 2022 में 79, 2023 में 35, 2024 में 35 और इस साल अब तक सात लोग घायल हुए हैं।

    मंत्री ने बताया कि कुल 180 मामलों में मजिस्ट्रेट जांच की गई। ये जांचें दंड प्रक्रिया संहिता और भारत नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत की गईं। उन्होंने कहा कि सभी जांचें एनएचआरसी (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) की गाइडलाइन्स के अनुसार की गईं, जिनमें पुलिस कार्रवाई के दौरान मौत होने पर 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट भेजना जरूरी होता है।

    तीन युवाओं की मौत के मामले में हाई-लेवल जांच

    गोला ने यह भी बताया कि कछार जिले में तीन हमार युवाओं की कथित मुठभेड़ मौत के मामले में उच्चस्तरीय जांच कराई गई है। विपक्ष के नेता देवव्रत सैकि‍या ने सरकार से जेलों की क्षमता और स्थिति को लेकर भी सवाल पूछा। जवाब में मंत्री ने कहा कि असम की जेलों में कुल 11,372 कैदियों की क्षमता है, जबकि वर्तमान में 11,241 कैदी विभिन्न जेलों में बंद हैं।

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