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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Assam में बाल विवाह के खिलाफ 4000 से ज्यादा मुकदमे दर्ज, संबंधित मामलों में अब तक 2,000 लोगों को किया गिरफ्तार

By Babli KumariEdited By: Babli Kumari
Published: Fri, 03 Feb 2023 11:23 AM (IST)Updated: Fri, 03 Feb 2023 10:49 PM (IST)

Assam Against Child Marriage असम में बाल विवाह के खिलाफ दर्ज हुई 4000 से अधिक एफआईआर में पुलिस ने कार्रवाई ...और पढ़ें

असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा (फाइल फोटो)
असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा (फाइल फोटो)

गुवाहाटी, प्रेट्र: असम पुलिस ने शुक्रवार को बाल विवाह पर एक बड़ी कार्रवाई करते 2,044 लोगों को गिरफ्तार किया। असम के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने कहा कि पिछले दो दिनों में पुलिस ने राज्य के विभिन्न जिलों में 4000 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। सिंह ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्तियों में बाल विवाह में शामिल 52 पुजारी और काजी भी शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि उनके पास 8,000 आरोपितों की सूची है और यह अभियान जारी रहेगा।

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प्रदेश में जारी रहेगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कार्रवाई राज्य भर में सुबह शुरू हुई और यह अगले तीन से चार दिनों तक जारी रहेगी। पुलिस ने एक पखवाड़े से भी कम समय में बाल विवाह के 4,004 मामले दर्ज किए थे, क्योंकि राज्य कैबिनेट ने 23 जनवरी को अपराधियों की गिरफ्तारी और व्यापक जागरूकता अभियान के साथ-साथ कार्रवाई करने का फैसला किया था। शुक्रवार शाम तक बिश्वनाथ जिले में सबसे अधिक 137 गिरफ्तारियां की गई हैं, इसके बाद धुबरी में 126, बक्सा में 120, बारपेटा में 114 और कोकराझार में 96 गिरफ्तारियां हुई हैं।

नाबालिगों को अदालत में नहीं किया जाएगा पेश

14 वर्ष से कम आयु की लड़कियों की शादी करने वालों पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पाक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और लड़का भी 14 साल से कम उम्र का है तो उसे सुधार गृह भेजा जाएगा क्योंकि नाबालिगों को अदालत में पेश नहीं किया जा सकता है। वहीं 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों से शादी करने के मामले में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत आरोपितों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे। उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और विवाह को अवैध करार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि ऐसी शादियों में शामिल पुजारियों, काजियों और परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा।

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