अंडरवियर छेड़छाड़ केस में 36 साल बाद आएगा फैसला, केरल के विधायक से जुड़ा है मामला
केरल के विधायक और पूर्व मंत्री एंटनी राजू से जुड़े बहुचर्चित अंडरवियर छेड़छाड़ केस में 36 साल बाद शनिवार को फैसला आएगा। सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर् ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवंबर 2024 में केरल हाई कोर्ट के उस आदेश को रद किया गया था
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बहुचर्चित अंडरवियर छेड़छाड़ केस में 36 साल बाद शनिवार को फैसला आएगा। केरल के वाम मोर्चा विधायक और पूर्व परिवहन मंत्री एंटनी राजू के लिए यह फैसला बेहद खास है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवंबर 2024 में केरल हाई कोर्ट के उस आदेश को रद करने के लगभग एक साल बाद आ रहा है, जिसमें राजू के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस चार्जशीट का संज्ञान लेने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को बहाल कर दिया और निर्देश दिया कि लंबित मुकदमे को एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाए। यह मामला 1990 का है, जब ऑस्ट्रेलियाई नागरिक एंड्रयू साल्वाटोर सेर्वेली को तिरुअनंतपुरम हवाई अड्डे पर कथित तौर पर अपने अंडरवियर में 61.5 ग्राम प्रतिबंधित सामग्री छिपाकर तस्करी करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
ट्रायल कोर्ट ने ठहराया था दोषी
राजू उस समय सेर्वेली के वकील के रूप में पेश हुए थे। ट्रायल कोर्ट ने सेर्वेली को दोषी ठहराया और 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, केरल हाई कोर्ट ने सेर्वेली को बरी कर दिया, क्योंकि साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत अंडरवियर उसके नाप का नहीं था। सेर्वेली आस्ट्रेलिया लौट गया।
वर्षों बाद, आस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो से प्राप्त जानकारी के आधार पर जांच अधिकारी ने साक्ष्य में कथित छेड़छाड़ की जांच के लिए हाई कोर्ट से संपर्क किया। इसके परिणामस्वरूप 1994 में राजू और एक अदालत क्लर्क के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया।
12 साल तक चली लंबी जांच के बाद, सहायक पुलिस आयुक्त ने 2006 में तिरुअनंतपुरम के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र दायर किया, जिसमें राजू पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, बेईमानी से संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करने और सुबूतों को गायब करने का आरोप लगाया गया।

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