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आतंकवाद पर नकेल कसने की तैयारी, AI आधारित क्राइम डेटाबेस तैयार; कैसे करेगा काम?

Published: Fri, 26 Dec 2025 10:34 PM (IST)Updated: Fri, 26 Dec 2025 11:28 PM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संगठित अपराध नेटवर्क डेटाबेस (OCND) और हथियार डेटाबेस लॉन्च किया। इसका उद्देश्य गैंगस्टरों और ...और पढ़ें

अमित शाह ने OCND और हथियार डेटाबेस लॉन्च किया। (फोटो- सोशल मीडिया)

अमित शाह ने OCND और हथियार डेटाबेस लॉन्च किया। (फोटो- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. अमित शाह ने OCND और हथियार डेटाबेस लॉन्च किया

  2. गैंगस्टरों के आतंकी संबंधों पर नकेल कसना मुख्य लक्ष्य

  3. राज्यों को संगठित अपराध के खिलाफ मिलकर काम करना होगा

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश भर में फैले संगठित अपराध का नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टरों की कुंडली आनलाइन हो गई है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद निरोधी सम्मेलन के दौरान गैंगस्टरों और उनके आतंकी लिंक का डाटाबेस- संगठित अपराध नेटवर्क डाटाबेस(ओसीएनडी) लॉन्च किया।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की कोशिश आने वाली पीढि़यों के लिए एक अभेद्य और मजबूत 'आतंकवाद निरोधी ग्रिड' बनाना है, जो हर चुनौती का सामना कर सके। उन्होंने संगठित अपराध पर 360 डिग्री प्रहार करने का एक्शन प्लान बनाने का भी ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने खोए, लूटे गए या बरामद हथियारों से जुड़े देश के पहले 'वीपंस डाटाबेस' को भी लांच किया।

अमित शाह ने OCND और हथियार डेटाबेस लॉन्च किया

NIA द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ जीरो टालरेंस विजन के तहत आयोजित यह सम्मेलन देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए उभरते खतरों से निपटने के लिए अहम प्लेटफार्म बन गया है।

उन्होंने कहा कि आतंकी घटनाओं में तकनीक के उपयोग के कारण आतंकवाद का परिदृश्य बदल रहा है और हमें उससे दो कदम आगे रहना होगा, तभी आतंकी घटनाओं को रोकने में सफल होंगे।

अपराधियों-आतंकवादियों का गठजोड़ टूटेगा अमित शाह ने साफ किया कि संगठित अपराध नेटवर्क भले ही फिरौती और उगाही से शुरू होते हैं, लेकिन विदेश में पहुंचने के बाद उसके सरगनाओं के आतंकवादी संगठनों के साथ साठगांठ भी हो जाती है।

गैंगस्टरों के आतंकी संबंधों पर नकेल कसना मुख्य लक्ष्य

बाद में यह नेटवर्क फिरौती और उगाही के धन का उपयोग आतंकवाद फैलाने के लिए करता है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में फैले ऐसे गैंगस्टरों के आतंकियों और ड्रग्स तस्करों के साथ गठजोड़ की जांच पहले से एनआइए कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को इस डाटाबेस का इस्तेमाल कर एनआइए, सीबीआइ और खुफिया ब्यूरो के सहयोग से ऐसे संगठित अपराधी गिरोहों का पूर्ण सफाया करना चाहिए।

अमित शाह ने दिल्ली बम धमाके के पूरे माड्यूल के पर्दाफाश के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित सभी एजेंसियों की तारीफ की। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले और दिल्ली बम धमाके की जांच को सामान्य पुलि¨सग से आगे बढ़कर वाटरटाइट इंवेस्टिगेशन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

अमित शाह ने सभी राज्यों को आतंकवाद निरोधी कार्रवाई में एकरूपता पर बल दिया और इसके लिए सम्मेलन में मौजूद पुलिस महानिदेशकों से तत्काल कदम उठाने को कहा। इसके लिए NIA ने सभी राज्यों के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) को एक समान बनाने के लिए निर्देश भेजा है।

उनके अनुसार एटीएस के समरूप होने के बाद पूरे भारत में एक मजबूत आतंकवाद निरोधी ढांचा तैयार हो सकेगा। शाह ने सभी एजेंसियों के अलग-थलग काम करने के बजाय टीम इंडिया के रूप में काम करने को कहा।

राज्यों को संगठित अपराध के खिलाफ मिलकर काम करना होगा

'हथियार डाटाबेस' में मिलेगा एक-एक हथियार का रिकार्ड नए विकसित किए गए हथियार डाटाबेस को सरकारी हथियारों के विस्तृत रिकार्ड शामिल करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें लूटा गया है, चुराया गया है, खो गया है, या राज्य पुलिस बलों और अ‌र्द्धसैनिक बलों द्वारा बरामद किया गया है।

इसका मकसद एक केंद्रीकृत रिपाजिटरी बनाना है जहां देश भर में सभी राज्य पुलिस बल, पैरामिलिट्री यूनिट और कानून प्रवर्तन एजेंसियां आसानी से पहुंच हासिल होगी और वे इस्तेमाल कर सकेंगी। इसमें सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित इलाकों का इनपुट शामिल किया गया है।