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    Ajmer News: स्कूल की बच्चियों के साथ रेप-ब्लैकमेल करने वाले आरोपी भेजे गए जेल, फांसी पर चढ़ाने की मांग

    राजस्थान के अजमेर में स्कूली बच्चियों के साथ रेप और ब्लैकमेल की घटना को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को कोर्ट ने पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया है। आरोपियों ने स्कूली छात्राओं को पहले फंसाया फिर मोबाइल देकर बात करने को किया मजबूर। बच्चियों को डराकर कैफे और होटल जाने के लिए आरोपी करते थे मजबूर।

    By Jagran News Edited By: Prince Gourh Updated: Wed, 26 Feb 2025 11:58 AM (IST)
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    अजमेर में स्कूली बच्चियों के रेप-ब्लैकमेल करने वाले आरोपी भेजे गए जेल (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान के अजमेर में साल 1992 में रेप और ब्लैकमेलिंग की घटना सामने आई थी। ऐसा ही एक मामला फिर से सामने आया है, जिसमें स्कूली छात्राओं को फंसाया गया और फिर उनके साथ रेप और ब्लैकमेलिंग की गई।

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    आरोप है कि बिजयनगर में विशेष समुदाय से आने वाले युवकों ने इन बच्चियों के ऊपर धर्मांतरण का दबाव बनाया और फिर जबरन रोजे भी रखवाए गए। अब पुलिस ने 5 दिन के रिमांड के बाद मंगलवार को चार आरोपियों को अजमेर की पॉक्सो कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने चारों को जेल भेजने का आदेश दिया है।

    फांसी की मांग कर मसूदा बाजार बंद

    जब कोर्ट में चारों आरोपियों को पेश किया जा रहा था, तब सुरक्षा के मद्देनजर अजमेर पॉक्सो कोर्ट में सीओ रूद्रप्रकाश के नेतृत्व में चार थानों की पुलिस बल तैनात रहा। इस बीच सर्व समाज की ओर से आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर मसूदा बाजार बंद रखा गया।

    इस मामले में अभी तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और तीन नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। आरोपी लुकमान उर्फ सोहेब, सोहेल मंसूरी, रिहान मोहम्मद और अफराज को पांच का रिमांड पूरा होने पर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

    क्या है आरोप?

    इन युवकों पर आरोप है कि, जब बच्चियां स्कूल जाती थीं, तो आरोपी उन्हें रास्ते में रोक लेते थे। वो उनके साथ जबरदस्ती करते थे और अपने साथ कैफे और होटल में जाने के लिए मजबूर करते थे। आरोपी उन बच्चियों से कलमा पढ़वाते थे और रोजा रखने के लिए कहते थे।

    सरकारी वकील रुपेंद्र परिहार ने बताया, कोर्ट में चारों आरोपियों को पेश किया गया। चारों पर बिजयनगर थाने में तीन मुकदमे दर्ज हुए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इन आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया गया था और इनसे पूछताछ की गई थी।

    आरोपियों से हो सकती है क्रॉस पूछताछ

    पुलिस ने कोर्ट में कहा कि आरोपियों से अब जांच की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। वहीं इन आरोपियों की अन्य आरोपियों से क्रॉस पूछताछ की जा सकती है। जिसके लिए प्रोडक्शन वारंट पर चारों को गिरफ्तार किया जा सकता है।

    सरकारी वकील ने बताया, इन चारों आरोपियों का नाबालिग बच्चियों को मोबाइल देना, रेस्टोरेंट और कैफे में बुलाकर डरा धमकाकर रोजा पढ़वाना, रेप और अन्य गतिविधि में अहम रोल था।

    नाबालिग बच्चियां और उनके पिता ने मामला कराया दर्ज

    बता दें, 15 फरवरी को बिजयनगर थाने में एक नाबालिग ने मामला दर्ज कराया था। इसके बाद एक और नाबालिग ने मामला दर्ज कराया था। फिर तीन लड़कियों के पिता की ओर से भी रिपोर्ट दी गई थी।

    इन लोगों ने आरोप लगाया कि प्राइवेट स्कूल में पढ़ रही नाबालिग लड़कियों का रेप और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रहे थे। जबरन कलमा पढ़ने, रोजा रखने और धर्मांतरण के लिए विवश कर रहे थे। पुलिस पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।

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