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एअरलाइंस की मनमानी पर हमेशा के लिए लगेगी लगाम, एक्शन मोड में PM मोदी; दिए सख्त निर्देश

Published: Sat, 06 Dec 2025 08:27 PM (IST)Updated: Sat, 06 Dec 2025 09:23 PM (IST)

इंडिगो की मनमानी पर सरकार सख्त है। प्रधानमंत्री मोदी ने उड्डयन मंत्रालय को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच कमेटी ...और पढ़ें

एअरलाइंस की मनमानी पर हमेशा के लिए लगाम की तैयारी (फाइल फोटो)

एअरलाइंस की मनमानी पर हमेशा के लिए लगाम की तैयारी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. इंडिगो की मनमानी पर सरकार सख्त

  2. पीएम मोदी ने दिए कड़े निर्देश

  3. किराए पर नियंत्रण की तैयारी

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े एअरलाइन इंडिगो की मनमानी और दबाव की रणनीति में जिस तरह यात्री बेहाल हुए और सरकारी नियामक संस्था डीजीसीए भी यात्रियों की सुरक्षा को किनारे रखते हुए झुकने को मजबूर हुआ उससे सरकार को झटका भी लगा है और क्षुब्ध भी है।

ऐसे में एक तरफ जहां इंडिगो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है वहीं हमेशा के लिए एअरलाइंस के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था भी लागू करने की कोशिश है। इसमें किराए को लेकर मनमानी भऐ रवैए पर भी हर उचित अवसर पर कदम उठाया जा सकता है।

पीएम ने दिए सख्त निर्देश

बताया जाता है कि खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उड्डयन मंत्रालय को इस मामले में सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है। उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मंत्री राम मोहन नायडू ने प्रधानमंत्री को स्थिति से अवगत भी कराया है।

प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि एअरलाइंस कंपनियां यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। जाहिर तौर पर यह संदेश है कि एफडीटीएल फिलहाल भले ही वापस हो गया हो लेकिन इंडिगो को भी इसे मानना ही पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार जांच के लिए बनाई गई चार सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद बड़े कदम उठाए जाएंगे।

इसमें इंडिगो पर भारी जुर्माना समेत अन्य कदम शामिल हो सकते हैं। इंडिगो से कुछ रूट पर विमान कम भी कराए जा सकते हैं। जरूरी हुई तो कुछ रूट वापस भी लिए जा सकते हैं। बताया तो यह भी जा रहा है कि सरकार इंडिगो के सीइओ को हटाए जाने के लिए कह सकती है।

सरकार का साफ संदेश

यह संदेश होगा कि देश किसी कंपनी के दबाव में आने के लिए तैयार नहीं है। लेकिन उससे पहले सरकार की प्राथमिकता है कि अगले दो तीन दिनों में इंडिगो के सभी उड़ान सामान्य किए जाएं। हालांकि इंडिगो अभी भी कम से कम एक सप्ताह का समय दे रहा है।

सूत्रों का कहना है कि एअरलाइंस के लिए जो वैश्विक स्थिति है उसमें किराए पर नियंत्रण करना संभव नहीं है लेकिन समय समय पर जिस तरह एअरलाइन कंपनियां अनुचित फायदा उठाती हैं उसके लिए कुछ दिशानिर्देश बनाया जा सकता है। कोविड के समय सरकार ने किराया तय कर दिया था। इस वक्त भी तय किया गया है।

कोहरे से कैसे निपटेगी एअरलाइंस कंपनियां

बड़े पर्व त्योहार के वक्त के लिए भी कुछ नियम बनाए जा सकते हैं, लेकिन वह निगरानी तंत्र को मजबूत करने से होगा। डीजीसीए को भी निर्देश दिया गया है कि वह निगरानी व्यवस्था नियमित करें और उच्च स्तर पर उसकी रिपोर्टिंग भी करें। इस मामले से निपटते ही डीजीसीए को आनेवाले दिनों में कोहरे के कारण बड़ी संख्या में प्रभावित होने वाली उड़ानों के लिए भी व्यवस्था बनाने को कहा गया है।

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