नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। एक मां के लिए उसके बच्‍चे दुनिया का सबसे महंगा और बड़ा तोहफा हुआ करते हैं। इसी तरह से बच्‍चों के लिए भी मां के मायने बेहद अलग होते हैं। भावनात्‍मक रूप से ये दोनों बेहद करीब होते हैं। शायद यही वजह है कि जब कभी हमें चोट लगती है तो मुंह से यकायक निकल पड़ता है उई मां। यह सिर्फ इत्‍तफाक नहीं हो सकता है। न ही ये किसी एक इंसान की बात है। ये हम सभी पर लागू होती है। यही वजह है कि जब कभी मौका मिलता है अपनी मां के लिए कुछ करने का तो कदम पीछे खींच पाना बेहद मुश्किल होता है। ये होना भी नहीं चाहिए।

हर मां के मन में ये बात कहीं न कहीं छिपी होती है कि उसके बच्‍चे उसको जीवन का सबसे बड़ा तोहफा दें। वह किसी भी रूप में हो सकता है। लेकिन ये चाहत हर मां की होती है। यही वजह है कि बच्‍चों का दिया हर तोहफा ही उसके लिए बड़ा होता है। और यदि इसी तरह का तोहफा कोई बेटी अपनी मां को दे तो फिर इसके कहने ही क्‍या। ऐसा ही कुछ उस वक्‍त हुआ जब एयर इंडिया की एक महिला पायलट ने अपनी मां की रिटायरमेंट के अंतिम दिन उनका विमान उड़ाया।

ये कहानी है अशरिता चिंचानकर की जिनकी मां एयर इंडिया में एयर होस्‍टेस थीं। उनकी मां 31 जुलाई को 38 वर्षों की सेवा के बाद रिटायर हो गईं। अशरिता की मां के लिए ये बेहद भावुक पल थे। लेकिन उनकी बेटी ने इन पलों को और अधिक खास बना दिया। जिस फ्लाइट में उनकी मां आखिरी बार ऐयरहोस्‍टेस के तौर पर जिस विमान में सवार थीं उसे उनकी बेटी मतलब अशरिता ही उड़ा रही थीं। शुरुआत में विमान के यात्री इस बात से अंजान थे, लेकिन जब उन्‍हें इस पूरी कहानी का पता चला तो उन्‍होंने भी तालियां बजाकर अशरिता की मां का स्‍वागत किया।

अशरिता ने इन पलों को न सिर्फ कैद किया बल्कि ट्विटर के माध्‍यम से सार्वजनिक भी कर दिया। उन्‍होंने इन पलों के साथ अपनी मां को एक भावुक ट्वीट भी किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल पटेल ने भी अशरिता के इस पलों पर एक मैसेज किया है। उन्‍होंने इसको अमेजिंग बताया है।

जिस विमान को अशरिता उड़ा रही थीं वह बेंगलुरु से मुंबई जा रही थी। मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने से कुछ पहले विमान के कैप्टन परेश नेरुरकर ने यात्रियों के लिए एक अनाउंसमेंट किया, जिससे कुछ यात्री बेहद भावुक भी हो गए। विमान के कैप्‍टन ने इस उदघोषणा में कहा कि विमान की सबसे सीनियर एयरहोस्‍टेस पूजा चिंचानकर 38 साल की सेवा के बाद आज फ्लाइट की लैंडिंग के साथ रिटायर होने जा रही हैं। उनकी विरासत अब आगे उनकी बेटी अश्रिता आगे लेकर जाएंगी। अश्रिता इस वक्त इसी फ्लाइट के कॉकपिट A-319 मुंबई में बतौर को-पॉयलट मौजूद हैं।'

विमान में मौजूद यात्रियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ पजा का स्वागत किया। मुंबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंडिंग के वक्त भी पूजा ने यात्रियों को मुस्कान के साथ विदा किया। पूजा कहती हैं कि 38 साल पहले उन्होंने बतौर एयरहोस्टेस एयर इंडिया जॉइन किया था। पूजा और अश्रिता की आखिरी फ्लाइट पर एयर इंडिया ने ट्वीट कर दोनों को बधाई दी है।

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Posted By: Kamal Verma