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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ahmedabad Plane Crash: सिर्फ एक बटन की वजह से 275 लोगों ने गंवाई जान? क्या है फ्यूल कंट्रोल स्विच, जिसकी हो रही जांच

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Wed, 09 Jul 2025 09:25 PM (IST)

Ahmedabad Plane Crash अहमदाबाद में एअर इंडिया-171 विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) ने नागरिक उड्डयन ...और पढ़ें

'फ्यूल कंट्रोल स्विच' हो सकते हैं अहमदाबाद विमान हादसे की वजह।(फाइल फोटो)
'फ्यूल कंट्रोल स्विच' हो सकते हैं अहमदाबाद विमान हादसे की वजह।(फाइल फोटो)

HighLights

  1. हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में फ्लाइट डाटा रिकार्डर से मिले संकेतों का जिक्र
  2. शुक्रवार को सार्वजनिक की जा सकती है एअर इंडिया विमान हादसे की यह रिपोर्ट
  3. अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था एआइ 171 विमान

रॉयटर्स, नई दिल्ली। अहमदाबाद में एअर इंडिया-171 विमान हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) ने प्रारंभिक रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को सौंप दी है। यह रिपोर्ट विमान हादसे की जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों पर आधारित है।

इसे शुक्रवार को सार्वजनिक किया जा सकता है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में फ्लाइट डाटा रिकार्डर से मिले संकेतों में इस बात जिक्र किया गया है कि हादसे की वजह 'फ्यूल कंट्रोल स्विच' हो सकते हैं। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का विमान उड़ान भरने के 35 सेकंड के भीतर ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई, जबकि एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया था।

'फ्यूल कंट्रोल स्विच' बना जांच का केंद्र

सूत्रों ने बताया कि लंदन जाने वाले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के अंतिम क्षणों के सिमुलेशन और वायस डाटा रिकार्डर के विश्लेषण के बाद यह जांच अब विमान के 'फ्यूल कंट्रोल स्विच' की गति पर केंद्रित है। हालांकि, जांच में यांत्रिक खराबी को लेकर कोई तत्काल चिंता नहीं जताई गई है।

गौरतलब है कि प्रतिष्ठित पत्रिका 'एयर करंट' ने सबसे पहले 'फ्यूल कंट्रोल स्विच' पर जांच केंद्रित किए जाने की सूचना दी थी जो विमान के दो इंजनों को शक्ति प्रदान करते हैं। पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट के लिए जानकारी के स्त्रोत के रूप में ''जांच की जानकारी रखने वाले कई लोगों'' का हवाला दिया गया है।

सूत्रों ने 'एयर करंट' को बताया कि ब्लैक बॉक्स डाटा इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि थ्रस्ट (विमान को ऊंचाई की ओर ले जाने) खोने से पहले या बाद में ये स्विच गलती से, जानबूझकर, या किसी अन्य समस्या के कारण हिले थे।

बहरहाल, विमान हादसे की जांच का नेतृत्व एएआइबी के महानिदेशक कर रहे हैं और इसमें भारतीय वायु सेना, हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएएल) और अमेरिका के राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) के तकनीकी सदस्य शामिल हैं। जांच दल में एक विमानन चिकित्सा विशेषज्ञ और एक एअर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी को भी शामिल किया गया है।

एनटीएसबी की टीम वर्तमान में दिल्ली में तैनात है और एएआइबी लैब में भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। तकनीकी प्रक्रिया में सहायता के लिए बोइंग और जीई के अधिकारी भी राजधानी में मौजूद हैं।

'फ्यूल कंट्रोल स्विच' क्या हैं?

ड्रीमलाइनर 787 में इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच (रन और कटआफ) इंजन को चालू या बंद करने के लिए जमीन पर इस्तेमाल किए जाते हैं। ये स्विच जेट के थ्राटल लीवर के नीचे और फ्यूल कंट्रोल माड्यूल के अंदर स्थित होते हैं। स्विच के चारों ओर ब्रैकेट लगे होते हैं ताकि गलती से वे हिल न जाएं। प्रत्येक स्विच में एक धातु का स्टाप लाक भी होता है जिसे चालक दल को अपनी स्थिति बदलने से पहले उठाना पड़ता है।

ये स्विच कैसे काम करते हैं?

उड़ान के दौरान फ्यूल कंट्रोल स्विच को 'रन' से 'कटऑफ' पर ले जाने से सहयोगी इंजन में ईंधन की आपूर्ति रुक जाएगी। 'एयर करंट' के अनुसार, इससे इंजन तुरंत बंद हो सकता है और थ्रस्ट कम हो सकता है।

इससे प्रत्येक इंजन पर लगे दो विद्युत जनरेटर भी विमान के कई सिस्टम और उसके कुछ काकपिट डिस्प्ले को बिजली प्रदान नहीं कर पाएंगे। यदि किसी इंजन में आग लग जाती है तो प्रभावित इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच चालक दल को अलर्ट करने के लिए लाल हो जाएगा।

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