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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

2G Spectrum: केंद्र को लगा SC से झटका, 2जी स्पेक्ट्रम फैसले पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने अस्वीकार की सरकार की याचिका

By Agency Edited By: Sonu Gupta
Published: Thu, 02 May 2024 06:52 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने केंद्र सरकार की उस याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है जिसमें टूजी ...और पढ़ें

टूजी स्पेक्ट्रम फैसले पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने स्वीकार नहीं की केंद्र की याचिका।
टूजी स्पेक्ट्रम फैसले पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने स्वीकार नहीं की केंद्र की याचिका।

HighLights

  1. याचिका में की गई थी इस मामले पर 2012 के फैसले में संशोधन की मांग
  2. नियम के मुताबिक केंद्र को है रजिस्ट्री के फैसले के विरुद्ध अपील का अधिकार

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने केंद्र सरकार की उस याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, जिसमें टूजी स्पेक्ट्रम मामले में शीर्ष अदालत के 2012 के फैसले में संशोधन की मांग की गई थी। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि देश के प्राकृतिक संसाधनों का हस्तांतरण करते समय सरकार नीलामी का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य है।

केंद्र की याचिका नहीं हुई स्वीकार

सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका को गलत धारणा पर आधारित और स्पष्टीकरण मांगने की आड़ में फैसले पर पुनर्विचार की मांग का प्रयास करार दिया है। रजिस्ट्रार ने सुप्रीम कोर्ट रूल्स, 2013 के नियम-5 के आदेश-15 के प्रविधानों के अनुसार याचिका को स्वीकार करने से इनकार किया है।

क्या कहता है SC का नियम?

सुप्रीम कोर्ट का नियम कहता है, 'रजिस्ट्रार किसी याचिका को इस आधार पर स्वीकार करने से इनकार कर सकते हैं कि उसमें कोई उचित कारण नहीं बताया गया है या उसमें गंभीरता नहीं है या उसमें निंदनीय मामला है, लेकिन याचिकाकर्ता ऐसे आदेश के 15 दिनों के भीतर प्रस्ताव के माध्यम से अदालत से अपील कर सकता है।

केंद्र सरकार कर सकती है अपील

इस नियम के मुताबिक, केंद्र सरकार रजिस्ट्रार के आदेश के विरुद्ध अपील कर सकती है। शीर्ष अदालत ने दो फरवरी, 2012 के अपने आदेश में 2008 में तत्कालीन टेलीकॉम मंत्री ए. राजा के कार्यकाल में विभिन्न कंपनियों को आवंटित टूजी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस रद कर दिए थे।

गत 22 अप्रैल को केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पार्डीवाला की पीठ के समक्ष एक अर्जी का उल्लेख किया था। उस पर तत्काल सुनवाई का आग्रह करते हुए वेंकटरमणी ने पीठ से कहा था कि याचिका में 2012 के फैसले में संशोधन की मांग की गई है क्योंकि केंद्र सरकार कुछ अन्य मामलों में भी टूजी स्पेक्ट्रम प्रदान करना चाहती है।

प्रधान न्यायाधीश ने क्या कहा था?

केंद्र ने याचिका में गैर-वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए सरकार के संप्रभु कार्यों के निष्पादन में टूजी स्पेक्ट्रम की नीलामी से छूट की मांग की थी। टूजी स्पेक्ट्रम मामले में याचिकाकर्ता रहे गैर सरकारी संगठन की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने इसका विरोध किया था, लेकिन प्रधान न्यायाधीश ने वेंकटरमणी से कहा था, 'हम देखेंगे, आप ईमेल भेजिए।'

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