184 'सुपर सीड्स' से बदलेगी खेती की तस्वीर, कम पानी-खाद में भी होगी बंपर पैदावार; किसानों को होगा फायदा
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 फसलों की 184 उन्नत किस्में जारी कीं। ये किस्में कम पानी, उर्वरक और प्रतिकूल मौसम में भी बेहतर उपज देंगी, जिससे किस ...और पढ़ें

शिवराज सिंह चौहान ने 25 फसलों की 184 उन्नत किस्में जारी की
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निकालकर खेती को उत्पादकता और लाभ के नए दौर में ले जाने की दिशा में रविवार को बड़ी पहल की गई। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 फसलों की 184 उन्नत किस्में जारी की, जो परंपरागत तरीके से खेती को अलग कर नवाचार के सहारे नई दिशा दे सकती हैं।
ये किस्में अधिक उपज देने के साथ ही कम पानी, कम उर्वरक और प्रतिकूल मौसम में भी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। ये किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही खाद्य सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित हो सकती हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), राज्य व केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों और निजी बीज कंपनियों के संयुक्त प्रयास से विकसित ये किस्में बदलते मौसम, सूखा-बाढ़ और रोग-कीट जैसी चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं।
इनका उद्देश्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि खेती की लागत कम कर किसानों की वास्तविक आय में इजाफा करना है। शिवराज ने कहा कि 1969 से आईसीएआर की कुल 7205 फसल किस्मों को मंजूरी दी जा चुकी है। खास बात यह है कि बीते 11-12 वर्षों में ही 3236 नई उच्च उत्पादक किस्में विकसित हुई हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि देश में कृषि अनुसंधान की रफ्तार कई गुना तेज हुई है। अब जारी की गई 184 किस्में इसी शोध-परंपरा का विस्तार हैं, जो किसानों को अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता और जलवायु सहनशीलता का भरोसा देती हैं।
नई किस्मों का सबसे बड़ा लाभ
- इनमें बीज, पानी और कीटनाशकों की जरूरत अपेक्षाकृत कम होगी।
- रोग-कीट प्रतिरोधी किस्मों से सिंचाई और दवाइयों का खर्च घटेगा।
- बेहतर गुणवत्ता की उपज से किसानों को बेहतर दाम मिल सकेंगे।
- नई किस्में-सरसों, कुसुम, तिल, मूंगफली, गोभी और अरंडी की 13 नई किस्में तैयार
- अधिकतर किस्में ऐसी हैं जो कम अवधि में अधिक दाना भराव और तेल प्रतिशत देने में सक्षम -पारंपरिक सरसों औसतन 18-20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज देती है
- नई किस्म की गोवर्धन सरसों से 22-24 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन संभव।
- मूंगफली की नई उन्नत किस्म गिरनार की उपज सामान्य मुंगफली की तुलना में 30-40 प्रतिशत ज्यादा -तेल की मात्रा भी 50 प्रतिशत तक पाई जाती है। इसे अपनाने से तिलहन मिशन का लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
- इसे रोगों को सहन करने वाली और अलग-अलग क्षेत्रों के लिए उपयोगी माना गया है।
- धान और मक्के की कुल 122 किस्में, दलहन की छह, तिलहन की 13 किस्में जारी-चारा फसलों की 11, कपास की 24, गन्ने की छह और जूट-तंबाकू की एक-एक किस्म जारी।

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