पाकिस्तान में सजा पूरी होने के बाद भी वापसी का इंतजार कर रहे 167 भारतीय, सरकार ने दिया अपडेट
भारत और पाकिस्तान ने 2008 के काउंसलर एक्सेस समझौते के तहत अपनी हिरासत में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया। भारत ने 391 ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 2008 के काउंसलर एक्सेस पर द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों के तहत भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को राजनयिक चैनलों के जरिए नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ, एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई।
बयान में कहा गया है, "भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 391 आम कैदियों और 33 मछुआरों की डिटेल लिस्ट शेयर की है, पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का शक है। इसी तरह पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 58 आम कैदियों और 199 मछुआरों की डिटेल लिस्ट शेयर की है, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने का शक है।"
'सजा पूरी होने वाले कैदियों को वापस भेजे पाकिस्तान'
बयान के अनुसार, "भारत सरकार ने पाकिस्तान की हिरासत से सिविल कैदियों, मछुआरों और उनकी नावों के साथ-साथ लापता भारतीय रक्षा कर्मियों को जल्द रिहा करने और वापस भेजने की मांग की है। पाकिस्तान से यह भी आग्रह किया गया है कि 167 भारतीय मछुआरों और सिविल कैदियों को जल्द रिहा करे और वापस भेजे, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है।"
'भारतीय कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे पाकिस्तान'
इसके अलावा, पाकिस्तान से कहा गया है कि वह पाकिस्तान की हिरासत में मौजूद 35 आम कैदियों और मछुआरों को तुरंत काउंसलर एक्सेस दे, जिनके बारे में माना जाता है कि वे भारतीय हैं और जिन्हें अब तक काउंसलर एक्सेस नहीं दिया गया है।
बयान में कहा गया है, "भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार से कहा है कि वह सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले नागरिक कैदियों और मछुआरों की रिहाई और भारत वापसी तक उनकी सुरक्षा, हिफाजत और भलाई सुनिश्चित करे।"
कितने भारतीयों की हो चुकी है वापसी?
बयान के अनुसार, "भारत सरकार की लगातार कोशिशों के कारण, 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय आम कैदियों को पाकिस्तान से वापस लाया गया है। इसमें 2023 से अब तक पाकिस्तान से वापस लाए गए 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय आम कैदी शामिल हैं।"
इससे पहले 1 जुलाई को भारत और पाकिस्तान ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद आम कैदियों और मछुआरों की लिस्ट का आदान-प्रदान किया था। 2008 के द्विपक्षीय काउंसलर एक्सेस समझौते के प्रावधानों के तहत ऐसी लिस्ट हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को बदली जाती हैं।

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