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    मंत्री जयन्त सहित 15 सांसद बने छात्र, पूरी की एआइ की पढ़ाई

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 08:22 PM (IST)

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में 'स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस' कार्यक्रम में 15 सांसदों और छात्रों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। कौशल विकास म ...और पढ़ें

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    जयन्त चौधरी ने पूरी की AI की पढ़ाई

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नए वर्ष के पहले दिन राष्ट्रपति भवन का सांस्कृतिक केंद्र उस आस, विश्वास और आवश्यकता का प्रतीक बना, जिस पर भविष्य की नींव निर्भर होती दिखाई दे रही है।

    हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) के बढ़ते प्रभाव और जन-जन तक इस प्रौद्योगिकी को पहुंचाने के केंद्र सरकार के प्रयासों के बीच यह प्रेरणादायी दृश्य था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा स्वयं कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी सहित देशभर के 15 सांसदों और चयनित छात्रों को स्किलिंग फॉर एआइ रेडीनेस के प्रमाण पत्र दिए।

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    धर्मेंद्र प्रधान भी लेंगे AI की शिक्षा

    सभी सदस्यों ने एआइ का ऑनलाइन कोर्स किया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों की एआइ के प्रति गंभीरता को देखते हुए ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी एआइ का ऑनलाइन पाठ्यक्रम जल्द करने की इच्छा मंच से ही व्यक्त की।

    कौशल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने सांसदों के साथ ही एसओएआर पाठ्यक्रम करने वाले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के पीएम श्री स्कूल, केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों के 17 चयनित छात्रों को भी प्रमाण पत्र किए।

    ओडिशा के भयूरभंज स्थित रायरांगपुर में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय केंद्र का वर्चुअल शुभारंभ किया। साथ ही हैशटैग स्किल द नेशन चैलेंज की भी घोषणा की।

    AI-विकास पथ का केंद्र

    राष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को भारत के विकास पथ का केंद्र बताते हुए कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का एक प्रमुख चालक बनकर उभर रही है। आने वाले दशक में एआइ देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), रोजगार और समग्र उत्पादकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    राष्ट्रपति ने आगे कहा कि एआइ सिर्फ प्रौद्योगिकी नहीं, बल्कि भारत के लिए एक अवसर है। इग्नू के क्षेत्रीय केंद्र को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केंद्र उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और शिक्षार्थी सहायता तक पहुंच बनाने में उल्लेखनीय सुधार करेगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण, आदिवासी, महिला और कामकाजी शिक्षार्थियों को लाभ होगा।

    इसी तरह स्किल द नेशन चैलेंज की घोषणा करते हुए नागरिकों और नेताओं से भविष्य के लिए एआइ रेडीनेस अपनाने का आह्वान किया। मंत्री जयन्त चौधरी ने स्वयं एसओएआर के तहत एआइ लर्निंग माड्यूल में पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद इस चैलेंज के तहत अब कुछ व्यक्तियों को इसमें भाग लेने के लिए नामांकित किया है, जिससे भागीदारी की एक श्रृंखला बनेगी, ताकि आम जन प्रेरित हों। कौशल विकास मंत्रालय ने गूगल के सहयोग से राष्ट्रपति भवन में एआइ पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया।

    इन सांसदों ने की एआइ की पढ़ाई

    भाजपा सांसद पीपी चौधरी, एनसीपी शरद गुट की सांसद डॉ. फौजिया खान, भाजपा सांसद संगीता यादव, भाजपा सांसद सुजीत कुमार, भाजपा सांसद एनके भंडागे, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग सांसद पीवी अब्दुल वहाब, रालोद सांसद चंदन सिंह चौहान, कांग्रेस सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल, भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत, भाजपा सांसद मंजू शर्मा, भाजपा सांसद बिजुली कलिता मेधी, भाजपा सांसद शोभनाबेन महेंद्र सिंह बरैया, टीडीपी सांसद जीएम हरीश औऱ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग सांसद हारिस बीरन।