Rajouri: BRO ने LOC के पास किया 8.6 Km लंबी सड़क का निर्माण, स्थानीय लोगों ने भारत सरकार का किया शुक्रिया
Jammu Kashmir News जम्मू कश्मीर के राजौरी में बीआरओ ने एलओसी के पास 8.6 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण किया है। बीआरओ के मुताबिक नई सड़क के निर्माण से चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो गई हैं और एम्बुलेंस समय पर अस्पतालों तक पहुंच रही हैं। नौशेरा और राजौरी में स्कूल और कॉलेज के छात्र आसानी से स्कूल पहुंच रहे हैं।

राजौरी, एजेंसी: सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने थांडिकासी से पूर्णा गांव तक 8.6 किमी लंबी एक नई सड़क का निर्माण किया है। यह नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब है। वहीं इसके आस-पास के क्षेत्र में थंडिकास्सी, लेहरान, दादोन्नी, नल्लाह और पुखरनी जैसे गांवों में आदिवासी लोग रहते हैं।
बीआरओ के मुताबिक नई सड़क के निर्माण से चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो गई हैं और एम्बुलेंस समय पर अस्पतालों तक पहुंच रही हैं। नौशेरा और राजौरी में स्कूल और कॉलेज के छात्र आसानी से स्कूल पहुंच रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में सड़कों के निर्माण के बाद लोगों ने सड़कों के किनारे छोटी-छोटी व्यवसायिक दुकानें शुरू कर दी हैं।
बेरोजगार मजदूरों को मिल रही नौकरी
साथ ही बीआरओ के तहत आसपास के गांवों में सबसे अधिक संख्या में उन मजदूरों को नौकरी मिल रही है, जो पहले नौकरी की तलाश में थे। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने घाटी में विकास कार्यों के लिए भारत सरकार और बीआरओ को धन्यवाद दिया।
पहले आठ से दस किलोमिटर पैदल चलते थे लोग
बीआरओ सेक्टर प्रभारी इंजीनियर तेज सिंह ने कहा, 'जब यह सड़क नहीं थी तो लोगों को 8 से 10 किमी पैदल चलना पड़ता था। डॉक्टरों को जानवरों का इलाज करने के लिए गांवों तक पहुंचने में काफी परेशानी उठानी पड़ती थी, लेकिन सड़क बनने के बाद सड़क मार्ग से डॉक्टरों के लिए उन तक पहुंचना बहुत आसान हो गया है। स्थानीय लोगों ने हमारा काफी सहयोग किया है।
बीआरओ का किया धन्यवाद
ये आर्मी रोड है लेकिन इसका फायदा स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है। हम इसके लिए सरकार और बीआरओ को धन्यवाद देते हैं, हम अब अपना काम कर सकते हैं। इस सरकार में हमें कई लाभ दिए गए हैं। यह सीमावर्ती क्षेत्र है। एक स्थानीय मुश्ताक अहमद ने कहा कि यह सड़क हमारे बच्चों और हम सभी के लिए बहुत फायदेमंद है।
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