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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत और नेपाल के बीच क्यों है No Visa Policy, किस संधि के चलते व्यापार, संपत्ति से लेकर आवाजाही में मिलती है छूट

Published: Thu, 11 Sep 2025 03:47 PM (IST)Updated: Thu, 11 Sep 2025 03:48 PM (IST)

भारत और नेपाल के बीच 31 जुलाई 1950 को नेपाल इंडिया मैत्री शांति संधि पर हस्ताक्षर किये गए थे। इस ...और पढ़ें

Nepal India Maitri Shanti Sandhi की पूरी डिटेल।
Nepal India Maitri Shanti Sandhi की पूरी डिटेल।

HighLights

  1. 31 जुलाई 1950 को हुई थी नेपाल इंडिया मैत्री शांति संधि।
  2. दोनों देश के नागरिक बिना पासपोर्ट और वीजा के कर सकते हैं आवाजाही।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल में राजनितिक अस्थिरता समय-समय पर देखने को मिलती रहती है और यह कोई नई बात नहीं है। कई बार देश के प्रधानमंत्री को अपने पद को छोड़ना पड़ा है। इस बार प्रधानमंत्री को नेपाल में gen z प्रोटेस्ट के चलते अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा। नेपाल में अस्थिरता पर भारत हमेशा ही करीबी नजर रखता है। क्योंकि इस देश से हमारे सांस्कृतिक, धार्मिक के साथ ही पारिवारिक संबंध भी हैं।

दोनों देशों के बीच है No Visa Policy

भारत और नेपाल दोनों देश में No Visa Policy लागू है यानी कि दोनों ही देशों के लोग बिना वीजा और पासपोर्ट के एक दूसरे देश में स्वछंद रूप से आवाजाही कर सकते हैं और कहीं भी रह सकते हैं।

इस संधि के चलते भारत और नेपाल के लोगों को मिलती है छूट

आपको बता दें कि भारत और नेपाल के बीच 31 जुलाई 1950 को नेपाल इंडिया मैत्री शांति संधि (Nepal India Maitri Shanti Sandhi) पर हस्ताक्षर हुए थे। इस संधि के तहत दोनों ही देशों के नागरिकों को व्यापार, आवागमन, व्यापार या एक दूसरे के देश में संपत्ति रखने का अधिकार रहेगा अर्थात भारत का कोई व्यक्ति अगर नेपाल में संपत्ति खरीदने के साथ ही व्यापार करना चाहे तो कर सकता है। उसी प्रकार से नेपाल का कोई नागरिक भारत में आकर संपत्ति रखने या व्यापार का अधिकार रखता है। हमारे देश में तो कई सरकारी नौकरियों में नेपाली लोगों को आरक्षण भी प्रदान किया जाता है।

कई राज्यों से लगती है नेपाल और भारत के राज्यों की सीमा

भारत और नेपाल पड़ोसी देश हैं। भारत के कई राज्यों- उत्तरखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल की सीमायें नेपाल से लगती हैं। भारत और नेपाल के बीच बॉर्डर लाइन की लंबाई 1751 किलोमीटर है।

नेपाल के अलावा भूटान में भी बिना पासपोर्ट एवं वीजा के कर सकते हैं विजिट

नेपाल के अलावा भारत के लोग भूटान में भी बिना पासपोर्ट एवं वीजा के विजिट कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके पास पास पासपोर्ट है तो थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, मालदीव, श्रीलंका, केन्या, मॉरीशस, सेशेल्स, फिजी, डोमिनिका, ग्रेनेडा, वियतमान सहित अन्य जगहों पर विजिट कर सकते हैं। इन देशों में या तो भारतीय को फ्री एक्सेस मिलता है एयरपोर्ट भी ही ऑन अराइवल वीजा की सुविधा उपलब्ध होती है।

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