Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    भारत के पहले आईएस और आईपीएस आधिकारी कौन थे, जिन्होंने महाभारत का अंग्रेजी में किया था अनुवाद

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 03:53 PM (IST)

    भारत के पहले आईएएस अधिकारी सत्येंद्रनाथ टैगोर और भारत के पहले आईपीएस अधिकारी सीवी नरसिम्हन को माना जाता है। ब्रिटिश राज में आईएएस की परीक्षा लंदन में ...और पढ़ें

    Hero Image

    कौन थे भारत के पहले आईएस

    करियर डेस्क, नई दिल्ली: हर साल संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह भारत की सबसे कठिन प्रतिस्पर्धी परीक्षा मानी जाती है। कई युवाओं का सपना होता है कि वे सिविल सेवा परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करके देश की सेवा करें। बता दें, हर साल लाखों युवा आईएएस और आईपीएस बनने के लिए सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    लेकिन बहुत कम लोग ही यह जानते हैं कि आखिर भारत के पहले आईएएस और आईपीएस अधिकारी कौन थे, जिन्होंने न केवल भारत का प्रशासनिक ढांचा संभाला, बल्कि समाज में कई सकारात्मक बदलाव भी किए। 

    अगर आप भी यह नहीं जानते हैं कि भारत के पहले आईएएस और आईपीएस अधिकारी कौन थे। तो यह लेख आपके लिए उपयोगी हो सकता है। आज इस लेख के माध्यम से हम भारत के उस दौर के आईएएस और आईपीएस अधिकारी के बारे में बात करेंगे। जब भारतीय प्रशासन पर अंग्रेजों का कब्जा था। लेकिन इस माहौल में भी इन अधिकारियों ने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत और काबिलियत से देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करके समाज में कई महत्वपूर्ण बलदाव किए। 

    कौन थे भारत के पहले आईएएस अधिकारी

    आजादी से पहले भारत के पहले आईएएस अधिकारी सत्येंद्रनाथ टैगोर थे। सत्येंद्रनाथ टैगोर भारतीय सिविल सेवा (ICS) परीक्षा पास करने वाले पहले भारतीय अधिकारी थे। बता दें, यह परीक्षा भारत में नहीं, बल्कि लंदन में आयोजित कराई गई थी। सत्येंद्रनाथ टैगोर भारतीय सिविल सेवा (ICS) के लिए साल 1862 में भारत से इंग्लैंड गए थे। उन्होंने आईसीएस की परीक्षा साल 1864 में पास की थी। यह पल हर भारतीय के लिए एक ऐतिहासिक पल था।

    सत्येंद्रनाथ टैगोर का प्रारंभिक जीवन

    सत्येंद्रनाथ टैगोर का जन्म जन्म 01 जून, 1842 को कलकत्ता में हुआ था। वह रवींद्रनाथ टैगोर के बड़े भाई थे। सत्येंद्रनाथ टैगोर ब्रह्म समाज के आदर्शों से भी बहुत ज्यादा प्रभावित थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कलकत्ता के प्रेसिडेंसी कॉलेज से पूरी की थी। साथ ही उनका रुझान साहित्य, दर्शन और सामाजिक विषयों में अधिक था।

    सत्येंद्रनाथ टेगौर ने सेवा में रहते हुए भारत में फैली कुरीतियों जैसे नस्लभेद और सामाजिक भेदभाव का विरोध किया। उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज को बेहतर बनाने और भाषाओं पर भी विशेष काम किया। आईएएस अधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल 30 साल तक था। इस दौरान उन्होंने भारतीयों के सामाजिक तरीकों में सुधार भारतीय साहित्य को बेहतर बनाने में काम किया। 

    कौन थे आजाद भारत के पहले आईपीएस

    भारतीय स्वतंत्रता के बाद साल 1948 में भारतीय पुलिस सेवा का गठन किया गया था। भारत के पहले आईपीएस अधिकारी सीवी नरसिम्हन थे। सीवी नरसिम्हन को पहला इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस भी कहा जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई उच्च पदों पर काम किया हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान केंद्रीय अन्वेष्ण ब्यूरो (CBI) और राष्ट्रीय पुलिस आयोग के सदस्य सचिव के रूप में सेवा दी है।

    ऑक्सफोर्ड से की पढ़ाई

    सीवी नरसिम्हन ने अपनी स्कूल शिक्षा तिरुचि के सेंट जोसेफ स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा ऑक्सफोर्ड से पूरी की। यही नहीं उन्होंने साल 1968 में महाभारत का अंग्रेजी में अनुवाद भी किया था।

    उनकी उपलब्धियां

    सीवी नरसिम्हन की काबिलियत व उनके काम को देखते हुए, उन्हें भारत सरकार ने साल 2001 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। इसके साथ ही सीवी नरसिम्हन को साल 1962 में पुलिस मेडल और इसके बाद उन्हें साल 1971 में राष्ट्रीय पदक से सम्मानित किया गया था।

    यह भी पढ़ें: New Year 2026: दुनिया के टाइम जोन के अनुसार इस देश में सबसे पहले और आखिरी में मनाया जाता है नया साल