घूमने जा रहे हैं तो पहले जान लें Highway और Freeway में अंतर, ताकि न रहे कोई कन्फ्यूजन
देश में बेहतर यातायात की सुविधा और व्यापार को बढ़ाने के लिए Freeway और Highway का निर्माण किया गया है। जिससे एक शहर को दूसरे शहर को जोड़ा जा सके। लेकिन लोगों के बीच इनके के उपयोग को लेकर बेहद ही कन्फ्यूजन रहता है। जानें दोनों में अंतर।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। देश के आर्थिक विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों की एक-दूसरे से कनेक्टिविटी का होना बेहद ही जरूरी है और इसी के लिए सड़कों का निर्माण किया जाता है। एक बेहतर यातायात की सुविधा होने से व्यापार को बढ़ावा दिया जाता है। हालांकि इसके लिए सरकारें बेहतर सड़क सुविधा पर भी ध्यान दे रही हैं। राज्यों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए सरकार ने Freeway और Highway का निर्माण किया है।
इन दोनों का ही प्रमुख रूप से उपयोग किया जाता है। लेकिन लोगों के बीच Freeway और Highway के उपयोग को लेकर बेहद ही कन्फ्यूजन रहता है। वे इन दोनों के उपयोग को लेकर दुविधा में पड़ जाते हैं। इन दोनों में कई असामानताएं हैं, जो इन्हें एक दूसरे से अलग बनाती हैं। इस लेख के माध्यम से हम इन दोनों के बीच अंतर को समझेंगे।
क्या होता है फ्रीवे
Freeway और Highway दोनों में ही अंतर है। दरअसल Freeway टोल फ्री होता है, इस पर आपको कोई भी टोल नहीं चुकाना होता है, इसलिए यहां बिना गति धीमी किए आप तेज रफ्तार के साथ ट्रैवल कर सकते हैं। Freeway पर यात्रियों को कोई भी टोलगेट नहीं मिलेगा, जिससे यात्रियों के समय की भी बचत होती है।
फ्रीवे में कम होते हैं इंटरसेक्शन
Freeway पर अक्सर कम गाड़ियां भी गुजरती हैं क्योंकि, फ्रीवे में मुश्किल से ही इंटरसेक्शन होते हैं, ऐसे में यहां पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होता है। फ्रीवे में छह लेन होती हैं। यही वजह है कि लेन अधिक होने की वजह से यहां हर गाड़ी अलग-अलग लेन की मदद से रफ्तार पकड़ लेती है। कुछ फ्रीवे को मार्ग के बीच में सफेद पट्टी या किसी डिवाइडर की मदद से विभाजित किया जाता है, जिसमें दोनों तरफ से यातायात का बिना रूकावट के साथ संचालन हो सके।
क्या होता है हाईवे
सड़क नेटवर्क में हाईवे अहम भूमिका निभाता है। यह एक शहर को दूसरे शहर से जोड़ने का काम करते हैं। हाईवे पर कुछ ही दूरी के बाद टोल गेट स्थापित होते हैं जहां आपको टोल का भुगतान करना होता है। इसके साथ ही हाईवे में जगह-जगह पर इंटरसेक्शन बने हुए होते हैं इसके कारण अन्य ट्रैफिक भी हाईवे से जुड़ता है। यही वजह है कि यहां पर गाड़ियों की रफ्तार एक जैसी नहीं होती है और न ही तेज हो पाती है। कई बार कुछ हाइवे भीड़-भाड़ वाले स्थानों से भी होकर गुजरता है, जिससे गाड़ियों की रफ्तार पर इसका असर पड़ता है। इसके अलावा कुछ-कुछ जगहों पर हाईवे पर ट्रैफिक सिग्नल का प्रयोग किया जाता है, जिससे दुर्घटना से बचा जा सके।
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Freeway और Highway में जानें प्रमुख अंतर
फ्रीवे पर गाड़ियों की रफ्तार तेज गति में होती है और वहां गाड़ियां बिना किसी बाधा के चलती हैं, जबकि हाईवे में गाड़ियों की रफ्तार में बार-बार बाधा आती रहती है।
फ्रीवे पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं होता है, जबकि हाईवे पर कुछ जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता है।
फ्रीवे पर किसी भी प्रकार का इंटरसेक्शन नहीं होता है, जिससे अन्य गाड़ियां इस पर नहीं आ सकती हैं, जबकि Highway पर इंटरसेक्शन बने हुए होते हैं, जिससे अन्य गाड़ियों का ट्रैफिक यहां तक पहुंच जाता है।
फ्रीवे एक प्रकार का टोल फ्री एक्सप्रेवे होता है, जबकि हाईवे पर जगह-जगह टोल लिया जाता है।
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