जेईई-मेन: पिता की बीमारी से भी नहीं डिगा सुखबीर का हौसला, हासिल किया मुकाम
जौलीग्रांट निवासी सुखबीर चौहान ने पिता की बीमारी के बावजूद मेहनत से जेईई-मेन में 99.66 परसेंटाइल हासिल किए हैं।
देहरादून, जेएनएन। जिंदगी में कुछ कर गुजरना हो तो हौसला जरूरी है। जीवन के तमाम उतार चढ़ाव के दौरान कोई बड़ी घटना हो जाए तो इंसान की हिम्मत टूट ही जाती है। इसके बावजूद कुछ लोग ऐसे होते हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारते और अपना सर्वोच्च देते हैं।
कुछ ऐसी ही कहानी है जौलीग्रांट निवासी सुखबीर चौहान की। उनके पिता न केवल लंबे वक्त से बीमार चल रहे हैं। इसी कारण उनकी नौकरी तक चली गई। इससे घर की आर्थिकी बुरी तरह बिगड़ गई। इन सब मुसीबतों के बीच भी सुखबीर अपनी मंजिल की ओर कदम बढ़ाते गए। जेईई-मेन में उन्होंने 99.66 परसेंटाइल हासिल किए हैं।
सुखबीर का परिवार मूलरूप से टिहरी गढ़वाल के कस्तल गांव का रहने वाला है। कुछ वर्ष पूर्व परिवार देहरादून के जौलीग्रांट आकर बस गया। सुखबीर ने वर्ष 2018 में जवाहर नवोदय विद्यालय से 91 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं की। विगत वर्ष भी जेईई दिया पर एडवांस क्लियर नहीं हुआ। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पूरी शिद्दत के साथ तैयारी की व अपनी कमियों को दूर किया।
जनवरी में आयोजित जेईई-मेन 1 में उन्होंने 99.18 परसेंटाइल स्कोर किया। पर इससे वह संतुष्ट नहीं हुए। जेईई-मेन 2 में उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 99.66 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं। उनकी यह सफलता इसलिए भी खास है कि परिवार ने इस दौरान तमाम उतार चढ़ाव देखे हैं।
पिता त्रिलोक सिंह जापान में एक होटल में नौकरी करते थे। पर उनकी तबीयत खराब रहने लगी। तकरीबन एक साल से वह बेरोजगार हैं। जाहिर है हालात बहुत अच्छे नहीं हैं। ऐसे में सुखबीर शिद्दत से अपने सपने को पूरा करने में जुटे हैं।
उनके शिक्षक अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा के अनुसार सुखबीर प्रतिभा के धनी तो हैं ही उनमें हौसला भी गजब का है। यही वजह है कि वह आज इस मुकाम पर हैं।
यह भी पढ़ें: जेईई मेन का परिणाम हुए जारी, उत्तराखंड में प्रतीक रहे टॉपर
यहां देखें रिजल्ट jeemain.nic.in
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग ने घोषित की लिखित परीक्षा तिथि, जानिए
यह भी पढ़ें: नीट का पेपर करना चाहते हैं क्लीयर, इस तरह करें तैयारी
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।