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    Success Story: IIT से ग्रेजुएट सिमी करन ने पहले प्रयास में ही क्लीयर की UPSC परीक्षा, महज 22 साल में बनीं IAS

    By Nandini DubeyEdited By: Nandini Dubey
    Updated: Sat, 12 Aug 2023 01:39 PM (IST)

    Success Story बारहवीं पास करने के बाद सिमी इंजीनियरिंग करनी चाहती थीं और इसलिए उन्होंने एंट्रेंस एग्जाम क्रैक करके देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में शुमार आईआईटी बॉम्बे में दाखिला लिया। हालांकि इस वक्त तक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार IAS अफसर का सिविल सेवा ज्वाइन करने का कोई इरादा नहीं था। लेकिन पढ़ाई के दौरान जब वे इंटर्नशिप कर रहीं थीं तब उन्हें यह ख्याल आया।

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    IAS Simi Karan ओडिशा की सिमी करन ने पहले प्रयास में क्रैक की UPSC परीक्षा।

     एजुकेशन डेस्क। Success Story: हर दिन हम यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करने वाले उम्मीदवारों की कहानियां सक्सेस स्टोरी कॉलम में बताते हैं। इसी कड़ी में आज, हम आपको एक ऐसी शख्सियत से मिलाने जा रहे हैं, जिन्होंने आईआईटी से ग्रेजुएशन करने के साथ ही देश की सबसे मुश्किल UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। इसके साथ ही, उन्होंने पहले ही प्रयास में यह एग्जाम क्रैक भी कर लिया। इस शख्सियत का नाम है सिमी करन। सिमी ने फर्स्ट अटेम्प्ट में कैसे क्रैक किया यह एग्जाम और क्या थी उनकी रणनीति। आइए जानते हैं विस्तार से।

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    आईएएस सिमी करन ओडिशा से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उनकी परवरिश छत्तीसगढ़ के भिलाई में हुई है। उन्होंने अपनी शुरूआती एजुकेशन भी यहीं से पूरी की है। उनके पिता भिलाई स्टील प्लांट में काम करते हैं। वहीं, उनकी मां एक स्कूल टीचर हैं।

    स्टेट में किया था टॉप

    आईएएस सिमी करण बचपन से ही पढ़ने में अच्छी रही हैं। उन्होंने अपनी 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल से की है। वहीं, इस कक्षा में उन्होंने मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्टेट में टॉप किया था। 12वीं कक्षा में अफसर ने 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।

    आईआईटी बॉम्बे में लिया दाखिला

    बारहवीं पास करने के बाद सिमी इंजीनियरिंग करनी चाहती थीं और इसलिए उन्होंने एंट्रेंस एग्जाम क्रैक करके देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में शुमार आईआईटी बॉम्बे में दाखिला लिया। हालांकि, इस वक्त तक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, IAS अफसर का सिविल सेवा ज्वाइन करने का कोई इरादा नहीं था। लेकिन पढ़ाई के दौरान, जब वे इंटर्नशिप कर रहीं थीं तो उन्हें उस वक्त स्लम एरिया में बच्चों को पढ़ाने का अवसर मिला। इसके बाद से ही उनके भीतर समाज सेवा की इच्छा बढ़ी। इसके बाद उन्होंने इस दिशा में कदम आगे बढ़ा दिया।

    पहले प्रयास में पास की परीक्षा

    सिमी, जब ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में थीं तभी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सटीक रणनीति और दिन-रात की जी तोड़ मेहनत के बाद यह परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर ली थी। उन्होंने ऑल इंडिया में 31वीं रैंक हासिल की थी।

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