बड़ा करने के इंतजार में बैठे न रहें। सही दिशा में छोटे-छोटे और लगातार किए जाने वाले प्रयास ही एक दिन आपको आपकी मंजिल तक पहुंचा देंगे...

आगे बढ़ने का एक ही रास्ता है, छोटे-छोटे कदम के साथ बढ़ते जाओ।’ प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक मार्क ट्वेन की यह उक्ति आज के प्रतिस्‍पर्धी समय में भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी पहले थी। उन्‍होंने अपनी पुस्तक में निरंतर प्रयास को जीवन और करियर दोनों के लिए महत्‍वपूर्ण बताया है। वैसे, एक आम धारणा यह भी रही है कि अगर सफल बनना है, तो बहुत बड़े काम करने होंगे। लेकिन यह बिल्‍कुल सही नहीं है। अगर व्‍यावहारिक नजरिए से देखें तो आप छोटे-छोटे कदम उठाकर सफलता की सीढ़ी जल्‍दी चढ़ सकते हैं। बचपन से यह बात सुनने को मिलती है कि बूंद-बूंद से घड़ा भरता है। इसलिए अगर आपको जीवन के किसी भी क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाना है तो छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे और कुछ समय बाद आप पाएंगे कि आप अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हैं। आपके द्वारा प्रतिदिन 10 मिनट किया गया व्यायाम आपके स्वास्थ्य में चमत्कारी परिवर्तन ला सकता है। आपकी आमदनी की 10 प्रतिशत बचत आपको पैसे संबंधी परेशानी से मुक्ति दिला सकती है। आपके द्वारा प्रतिदिन 15 मिनट का अध्ययन आपको बुद्धिमता के नए स्तर तक ले जा सकता है। परिवार के साथ प्रतिदिन 30 मिनट बिताकर आप अपने रिश्तों में जीवंतता ला सकते हैं। प्रतिदिन 10 मिनट का ध्यान आपको आध्यात्मिकता के नए स्तर पर ले जा सकता है। इस प्रकार अगर आप चाहें तो ये छोटे-छोटे कदम उठाकर जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

करें शुरुआत : अक्‍सर हम छोटे कदमों के महत्व को दरकिनार कर देते हैं। हमें ऐसा लगता है कि अगर बड़ा परिवर्तन लाना है, तो बड़े कदम उठाने होंगे, इसलिए बड़े कदमों का डर हमें छोटे कदम उठाने से रोकता है और हम आगे नहीं बढ़ पाते हैं। इस डर के कारण हमारे अंदर सामर्थ्य और संसाधन होते हुए भी हम अपने लक्ष्य को हासिल करने की शुरुआत नहीं कर पाते। जिंदगी की एक हकीकत है कि बड़े सुधारों में समय लगता है। वे रातों-रात नहीं होते हैं, लेकिन अगर आप रोज कुछ नया सीखने का संकल्प करें, हर रोज बस थोड़ा-थोड़ा बेहतर होते जाएं, तो आप अपने लक्ष्य तक पहुंच ही जाएंगे।

आगे बढ़ना है आसान : जब आप छोटे कदम उठाते हैं तो मंजिल की तरफ आगे बढ़ना शुरू कर देते है, लेकिन जब आपको लगता है कि इसके लिए बड़ा प्रयास करना होगा तो यह आपके अंदर डर पैदा करता है और फिर आप उसको टालने का प्रयास करते हैं। इसके विपरीत छोटा प्रयास आपके अंदर आत्मविश्वास पैदा करता है कि यह आसान है और मैं आसानी से कर लूंगा। एक बार जब आप आगे बढ़ना शुरू कर देते हैं तो यह आसान लगने लगता है। इसलिए आप जितना आरामदायक महसूस करते हैं, उसके साथ शुरुआत कर दें।

बनाए रखें निरंतरता : अगर छोटे प्रयासों से बड़े लक्ष्य को हासिल करना है, तो निरंतरता बनाये रखना आवश्यक है। निरंतर किये गए छोटे प्रयास ही बड़ा परिणाम लाते हैं, क्योंकि निरंतरता के कारण यह आपकी आदत बन जाती है और आप क्रमश: अपनी मंजिल की तरफ बढ़ने लगते हैं। आप प्रतिदिन लगभग एक मिनट ब्रश करने में समय लगाते हैं लेकिन इस एक मिनट से कोई बड़ा परिवर्तन नहीं आता है। लेकिन इस एक मिनट को प्रतिदिन लगाने से बहुत बड़ा परिवर्तन आ सकता है। इसलिए छोटे प्रयासों को कभी कमतर नहीं समझें।

करें स्वयं का मूल्‍यांकन : जब एक बार आप लक्ष्य की दिशा में छोटे कदमों से बढ़ने लगते हैं, तो समय- समय पर उसका मूल्‍यांकन करते रहें। एक महीने पहले कहां थे और आज कहां हैं। इससे जब आपको पता चलेगा कि लगातार किये गए इन छोटे-छोटे प्रयासों से आप आगे बढ़ते जा रहे हैं, तो इससे आप और अधिक प्रयास के लिए प्रेरित होंगे। इसके बाद आपको बाहरी प्रेरणा की आवश्यकता नहीं रहेगी, क्योंकि मूल्‍यांकन करते रहने से आपको भीतर से प्रेरणा मिलेगी और आप लगातार अपने लक्ष्य की दिशा में बढ़ते जाएंगे।

गोविन्द भादू

इंस्पिरेशनल स्पीकर एवं एंटरप्रेन्योर

Edited By: Nandini Dubey

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