नई दिल्ली [अरुण श्रीवास्तव]। अगर आप भी अपने करियर और पढ़ाई को लेकर किसी कंप्यूजन में हैं तो यहां आपको ऐसे सवालों का जवाब मिल जाएंगे। नीचे कुछ इसी तरह के सवाल और उनके जवाब मौजूद है, और उनपर एक नजर जरूर ड़ालें...

मैंने हिस्ट्री से मास्टर किया है। 4-5 साल बैंक का एग्जाम दिया, लेकिन क्लियर नहीं कर पाई। अब मैं बीएड कर रही हूं। फर्स्ट ईयर में 69 फीसदी अंक आए हैं। सेकंड ईयर का एग्जाम 2020 में होगा। मेरे लिए आगे किस तरह का स्कोप हो सकता है?

-राज भारती, ईमेल से

बैंक से संबंधित एग्जाम्स को क्लियर न कर पाने से परेशान न हों। अभी भी आपके पास समय है। फिलहाल सबसे पहले अपनी पसंद के अनुसार लक्ष्य तय करें और फिर उसे हासिल करने के लिए समुचित स्ट्रेटेजी बनाकर जी-जान से जुट जाएं। आपने एमए किया है और बीएड कर रही हैं। अगर टीचिंग पसंद है, तो राज्य या केंद्र सरकार के स्कूलों या फिर पब्लिक स्कूलों में टीचर के रूप में शानदार अवसर हो सकता है। इसके लिए आपको बीएड के बाद सीटीईटी/टीईटी या समकक्ष परीक्षा भी पास करनी होगी।

एक बार टीचिंग प्रोफेशन में करियर शुरू करने के बाद और आगे जाना चाहती हैं, तो यूजीसी-नेट क्लियर करके या एमफिल/पीएचडी करके कॉलेज या विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर से शुरुआत कर सकती हैं। जो भी फील्ड चुनें, उस पर पूरी तरह से फोकस करें। बीच-बीच में अपनी तैयारी का आकलन भी करते रहें और कमजोरियों पर गौर करते हुए उन्हें दूर करें।

मैं बीकॉम कर रही हूं। यह मेरा तीसरा और आखिरी साल है। लेकिन मैं अपने करियर को लेकर बहुत कंफ्यूज हूं। मैं अपने लिए कोई उपयुक्त/बेस्ट करियर चुनने की स्थिति में खुद को नहीं पा रही हूं। कृपया इस बारे में मेरा मार्गदर्शन करें।

-अनीषा बत्रा, ईमेल से

सबसे पहले आप अपनी दुविधा यानी कंफ्यूजन पर नियंत्रण हासिल करने का प्रयास करें। ऐसा करना कतई मुश्किल नहीं है। बस आपको जो फील्ड सबसे ज्यादा पसंद हो यानी जिस क्षेत्र में आपका सबसे ज्यादा मन लगता हो, उससे संबंधित कोर्स और करियर चुन कर उस दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करें। अगर अपनी पसंद को लेकर कोई निर्णय नहीं कर पा रही हों, तो भी परेशान न हों, क्योंकि ऐसा सिर्फ आपके साथ ही नहीं है।

आपकी उम्र में बहुतेरे लोग दुविधा के शिकार होने के कारण अपने लिए सही निर्णय नहीं ले पाते। आप कुछ दिन शांति से विचार करें। एक सप्ताह तक हर दिन अपने दिमाग में आने वाले रुचि के विभिन्न क्षेत्रों को लिखते रहें। एक सप्ताह बाद देखें कि इन सात दिनों में कौन-सा क्षेत्र या फील्ड सबसे अधिक बार आया है यानी कॉमन है। एक या एक से अधिक क्षेत्रों के सामने आने की स्थिति में कुछ दिन फिर उन सभी पर विचार करें और किसी एक दो के बारे में निर्णय लें। चाहें तो इस बारे में अपने घरवालों, दोस्तों के साथ भी मशविरा कर सकती हैं।

मैं ग्यारहवीं कक्षा का छात्र हूं। आइआइटी की तैयारी कर रहा हूं। कृपया बताएं कि मैं किस तरह से तैयारी करूं और दिन में कितने घंटे पढ़ाई किया करूं?

-देवांश सिंह, रेवाड़ी, ईमेल से

आइआइटी जेईई की तैयारी करते समय यह जरूरी नहीं है कि आप कितने घंटे पढ़ाई कर रहे हैं, बल्कि जरूरी यह है कि आप जो पढ़ाई कर रहे हैं, वह आपकी समझ में कितना आ रहा है यानी आप उससे संबंधित किसी भी तरह के प्रश्न को हल कर सकते हैं या नहीं। इसलिए अपनी पढ़ाई को घंटों में बांधने की बजाय तरोताजा दिमाग के साथ तब तक पढ़ने पर फोकस करें, जब तक कि आपकी एकाग्रता पूरी तरह बनी रहती है। इस हिसाब से देखा जाए तो एक दिन में पढ़ाई का समय बिना किसी बाधा के चार से छह घंटे तक हो सकता है।

यह आदर्श समय है। हां, परीक्षा पास आ जाने पर इस समय में थोड़ी वृद्धि की जा सकती है। जहां तक तैयारी की बात है, तो इसके लिए 11-12वीं के अलावा जेईई के सिलेबस को पूरी तरह से कवर करते हुए उस पर अच्छी पकड़ बनाने की कोशिश करें। सिलेबस के जिस खंड में खुद को कमजोर समझते हों, उस पर अतिरिक्त मेहनत करें। एक बार सिलेबस पूरा कर लेने के बाद निर्धारित समयावधि में प्रश्नों को हल करने का अभ्यास शुरू कर दें। इसके साथ जेईई के पिछले चार-पांच साल के प्रश्नों को भी हल करें।

मैं हिंदी माध्यम से बीए फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट हूं। मैं यूपीएससी करना चाहती हूं, पर क्या हिंदी माध्यम से यूपीएससी में अच्छी रैंक आ सकती है। कृपया मार्गदर्शन करें।

-निधि प्रसाद, ईमेल से

अगर आप में अपनी तैयारी को लेकर भरपूर आत्मविश्वास है, तो रैंक की चिंता बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। अगर आप इस परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं, तो आप सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम अंक हासिल कर ऊंची रैंक ला सकती हैं, इसमें हिंदी माध्यम से होने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। पहले भी बहुत सारे अभ्यर्थियों ने हिंदी माध्यम से अच्छी रैंक हासिल की है। इसलिए आप अपनी तैयारी पर ध्यान दें।

Posted By: Neel Rajput

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