National Mathematics Day 2023: जब भारतीय गणितज्ञ रामानुजन से कैंब्रिज के मैथमेटिशियन ने मान ली हार
भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जीवन कई आश्चर्यों से भरा हुआ है। रामानुजन ने गणित विषय की कोई औपचारिक पढ़ाई किए बिना ही कई गणितीय सिद्धांतों (Mathematical Theorems) का प्रतिपादन किया। रामानुजन ने मैथमेटिकल एनालिसिस इंफाइनट सीरीज फ्रैक्शन नंबर थ्योरी आदि जैसे गणित के कठिनतम क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। इसके चलते उनकी जयंती को हम हर साल राष्ट्रीय गणित दिवस (National Mathematics Day) के तौर पर मनाते हैं।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास राजानुजन की जयंती को हम हर साल राष्ट्रीय गणित दिवस (National Mathematics Day) के तौर पर मनाते हैं। राजानुजन के गणित में किए गए महान योगदानों को समर्पित भारतीय गणित दिवस को हर साल मनाए जाने की घोषणा भारत सरकार ने 26 फरवरी 2012 को की थी। इसके बाद हर साल 22 दिसंबर को उनकी जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है।
भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जीवन कई आश्चर्यों से भरा हुआ है। रामानुजन ने गणित विषय की कोई औपचारिक पढ़ाई किए बिना ही कई गणितीय सिद्धांतों (Mathematical Theorems) का प्रतिपादन किया। रामानुजन ने मैथमेटिकल एनालिसिस, इंफाइनट सीरीज, फ्रैक्शन, नंबर थ्योरी, आदि जैसे गणित के कठिनतम क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं।
National Mathematics Day 2023: जब रामानुजन से कैंब्रिज के मैथमेटिशियन ने मान ली हार
श्रीनिवास रामानुजन ने आरंभ में अकेले ही अपनी गणितीय शोध पर काम करते रहे। अपने किए गए गणितीय अनुसंधानों की समझने की क्षमता रखने वाले गणितज्ञों की खोज में रामानुजन ने विश्वविख्यात गणितज्ञों से डाक के माध्यम से संपर्क करना शुरू किया। इस क्रम में जब इंग्लैण्ड के कैंबिज विश्वविद्यालय के अंग्रेज गणितज्ञ जी. एच. हार्डी ने उनके गणितीय सिद्धातों को देखा तो उनके कैंब्रिज आने की व्यवस्था की। हाईडी ने इसके बाद अपने एक लेख में लिखा कि रामानुजन ने अविश्वसनीय नए गणितीय सिद्धांत प्रतिपादित किए हैं, इनमें से कई ऐसे हैं जिन्होंन मुझे पूरी तरह से हरा दिया है (“defeated me completely”)।
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National Mathematics Day 2023: छोटे जीवनकाल में दिए 3900 हल
श्रीनिवास राजानुजन की जीवनकाल अधिक नहीं रहा। तारीख 22 दिसंबर 1987 को जन्में महान भारतीय गणितज्ञ राजानुजन का जीवन 26 अप्रैल 1920 को 32 वर्ष की आयु में ही टीबी और कई विटामिन की कमीं के चलते समाप्त हो गया। उन्होंने अपने इस छोटे जीवनकाल में ही गणितीय जगत को 3900 से अधिक हल प्रदान किए, इनमें अधिकतर आइडेंटीटीज और इक्वेशन शामिल हैं।
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