ग्राहकों की अपेक्षाओं का ध्यान रखकर बढ़ें आगे, तभी मिलेगी सफलता
श्रेयांश के लिए सफलता का मतलब आत्मसंतुष्टि हासिल करना है। उन्होंने तीन सहयोगियों के साथ मिलकर बिजनेस की नींव रखी थी। आज इनकी टीम में 60 से अधिक सदस्य ...और पढ़ें

अंशु सिंह। श्रेयांश जैन हमेशा से समस्याओं का निदान निकालने में विश्वास करते रहे हैं। जब उन्होंने मार्केट में गुणवत्ता युक्त प्रोटीन की उपलब्धता को लेकर एक गैप देखा, तो लगा कि इसका समाधान निकालना जरूरी है। इसी के बाद उन्होंने दो अन्य सह-संस्थापकों के साथ मिलकर ‘न्यूट्राबे’ नाम से एक आनलाइन वेंचर शुरू किया, जो लोगों को गुणवत्ता युक्त प्रोटीन सप्लीमेंट एवं अन्य पौष्टिक उत्पादों की आपूर्ति करता है। कंपनी के सह-संस्थापक श्रेयांश कहते हैं कि हम जब ग्राहकों का ध्यान रखकर बिजनेस करते हैं, तो एक न एक दिन सफलता जरूर मिलती है।
श्रेयांश अपनी फिटनेस पर काफी ध्यान देते हैं। डाइट में प्रोटीन का नियमित रूप से सेवन करते हैं। लेकिन उनके मन में इसकी गुणवत्ता को लेकर एक संशय बना हुआ था। वह बताते हैं, ‘दरअसल, आज मार्केट में बहुसंख्य ऐसे रिटेलर्स हैं, जो अनाधिकृत तौर पर प्रोटीन एवं अन्य सप्लीमेंट्स की बिक्री करते हैं। इससे बाजार में निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों की ही भरमार हो जाती है और लोगों के पास कोई विकल्प नहीं बचता। इसे देखते हुए ही वर्ष 2017 में हमने ‘न्यूट्राबे’ की स्थापना की।’
अनुभव आए काम : श्रेयांश फरीदाबाद के एक बिजनेस परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जो रिटेल एवं फार्मास्यूटिकल से जुड़ा है। इससे उन्हें भी कारोबार को करीब से देखने व समझने का अवसर मिला। वह मानते हैं कि हर किसी में असीम क्षमता है। सिर्फ उनके विचार ही उन्हें आगे बढ़ने से रोकते हैं। इस मानसिकता से बाहर निकलने पर ही सफलता की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं। एक निजी कंपनी में एंटरप्राइज अकाउंट एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपना करियर शुरू करने वाले शरद को ईकामर्स प्रोजेक्ट्स डेवलप एवं मैनेज करने का अनुभव था। इसमें उनकी रुचि भी थी। वह कहते हैं, ‘अपने पेशेवर अनुभवों से मुझे काफी कुछ सीखने को मिला। प्रबंधन से लेकर लोगों के साथ कैसे प्रभावशाली संवाद किया जाता है, यह सब जान सका। अपना बिजनेस शुरू करते समय यह अनुभव काम आया। मैं ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सफलतापूर्वक पहुंच सका। मैंने व्हाइट लेबल सप्लीमेंट रेंज नाम से एक नया प्रोडक्ट लांच किया, जो शुरुआत से ही बड़ा हिट साबित हुआ।
आज यह हमारे ब्रांड का बेस्ट सेलिंग प्रोडक्ट बन चुका है। हाल ही में हमने न्यूट्राबे मैगजीन भी लांच की है, जिसके माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य एवं पोषाहार से संबंधित कंटेंट पहुंचाया जा रहा है। अब तक इसके करीब साढ़े तीन लाख मासिक सक्रिय यूजर्स बन चुके हैं। आने वाले समय में हम आनलाइन के साथ-साथ प्रोडक्ट्स की आफलाइन बिक्री की भी योजना बना रहे हैं। इसके लिए खुद के ब्रांड स्टोर्स खोलने पर विचार चल रहा है।’
सोच-समझकर करें खर्च : श्रेयांश के लिए सफलता का मतलब आत्मसंतुष्टि हासिल करना है। उन्होंने तीन सहयोगियों के साथ मिलकर बिजनेस की नींव रखी थी। आज इनकी टीम में 60 से अधिक सदस्य हैं। श्रेयांश खुद प्रोडक्ट एवं मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि उनके पार्टनर मैन्युफैक्चरिंग, एचआर, लीगल एवं कस्टमर केयर देखते हैं। वह कहते हैं, ‘अपने इस सफर में बहुत कुछ सीखा है। एक महत्वपूर्ण सीख यह रही कि उद्यमिता में मेंटरशिप काफी मायने रखती है। इसके अलावा अगर हम ग्राहकों का विश्वास जीत पाए हैं, तो उसमें प्रोडक्ट के अलावा टीम की अहम भूमिका रही है। चूंकि हम एक बूटस्ट्रैप्ड कंपनी हैं, इसलिए काफी सोच-समझकर फंड्स का इस्तेमाल किया गया है। अब तक मार्केटिंग एवं एडवर्टाइजिंग पर कुल रेवेन्यू का मात्र चार प्रतिशत ही खर्च हुआ है। हमारा अधिक जोर ग्राहकों को गुणवत्ता युक्त उत्पाद पहुंचाने पर रहा है।‘
श्रेयांश जैन
को-फाउंडर, ‘न्यूट्राबे’

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