Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे बोले, कोई हमसे 'धनुष-बाण' नहीं छीन सकता
Maharashtra उद्धव ठाकरे ने कहा कि धनुष-बाण शिवसेना के पास ही रहेगा। यह भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है कि शिवसेना का चुनाव निशान भी उसके पास नहीं रह जाएगा। मैं कानून विशेषज्ञों से चर्चा करने के बाद कह रहा हूं कि धनुष-बाण शिवसेना के पास ही रहेगा।

मुंबई, राज्य ब्यूरो। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न 'धनुष-बाण' कोई उनसे छीन नहीं सकता। शुक्रवार को अपने बांद्रा स्थित निवास 'मातोश्री' पर पत्रकारों से बात करते हुए उद्धव ने कहा कि 'धनुष-बाण' शिवसेना के पास ही रहेगा। यह भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है कि शिवसेना का चुनाव निशान भी उसके पास नहीं रह जाएगा। मैं कानून विशेषज्ञों से चर्चा करने के बाद कह रहा हूं कि 'धनुष-बाण' शिवसेना के पास ही रहेगा। शिवसेना विधायक दल में फूट के कारण राज्य में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने ही गुट को असली शिवसेना बता रहे हैं। स्थानीय निकायों में भी लोग उनके गुट में शामिल होने लगे हैं। इससे सवाल उठने लगा है कि अब उद्धव गुट की शिवसेना का अस्तित्व रहेगा भी या नहीं?उद्धव ठाकरे ने कहा, शिवसेना किसकी है, इसे लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। शिवसेना कोई वस्तु नहीं है, जिसे चुराकर ले जाया जा सके। शिवसेना का अस्तित्व विधानमंडल दल एवं पार्टी के रूप में अलग-अलग है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दुनिया की नजर
उद्धव ने 11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर कहा कि इसका फैसला न सिर्फ शिवसेना का भविष्य तय करेगा, बल्कि यह भी साफ होगा कि देश में लोकतंत्र और कानून कब तक रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भारत ही नहीं, विश्व की नजर लगी है।
बागी विधायकों पर तंज
उद्धव ने अपने बागी विधायकों पर भी तंज कसा। कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि सम्मान के साथ बुलाया जाएगा और भाजपा के साथ समझौता होगा, तो हम दोबारा मातोश्री में जाएंगे। उन विधायकों को मुझसे प्रेम है। इसे देखकर मैं धन्य हो गया हूं। पिछले ढाई वर्षो में जब भाजपा नेता ठाकरे परिवार और मातोश्री के खिलाफ विकृत शब्दों में टिप्पणी कर रहे थे, तब बागी विधायकों में किसी ने भाजपा के खिलाफ नहीं बोला। अब वही बागी विधायक भाजपा नेताओं के गले मिल रहे हैं।
विस चुनाव कराने की मांग
उद्धव ने कहा, विधानसभा चुनाव दोबारा कराया जाना चाहिए। भाजपा ने शिवसेना से विश्वासघात किया। इसलिए शिवसेना ने महाविकास आघाड़ी को जन्म दिया। यदि मतदाता हमारे फैसले को गलत मानते होंगे, तो वे हमें घर बैठा देंगे। सत्ता पलटने के खेल में 3,000 करोड़ रुपये खर्च होने के आंकड़े आ रहे हैं। मुझे नहीं पता इसमें कितनी सच्चाई है। भाजपा ने जो अब किया है, वही ढाई साल पहले सम्मान के साथ कर लेती, तो इतने पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती।
सांसदों से बात करने के बाद राष्ट्रपति चुनाव पर फैसला
उद्धव ने राष्ट्रपति चुनाव पर कहा कि इस बारे में वे अपने सांसदों से बात करने के बाद ही फैसला करेंगे। प्रेट्र के अनुसार, पालघर से शिवसेना सांसद राजेंद्र गावित ने उद्धव ठाकरे से एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का अनुरोध किया है। गावित खुद भी आदिवासी समुदाय से आते हैं। सूत्रों ने बताया कि एकनाथ शिंदे गुट ने मुर्मू का समर्थन करने का फैसला कर लिया है।
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