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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विपक्षी एकता के संचालक हैं शरद पवार, बेटी सुप्रिया सुले को सौंपना चाहते हैं राजनीतिक विरासत: फडणवीस

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Tue, 04 Jul 2023 07:43 AM (IST)Updated: Tue, 04 Jul 2023 09:29 AM (IST)

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार विपक्षी एकता के संचालक हैं। विपक्षी दलों को ...और पढ़ें

शरद पवार अपनी राजनीतिक विरासत बेटी सुप्रिया सुल को सौंपना चाहते हैं: फडणवीस
शरद पवार अपनी राजनीतिक विरासत बेटी सुप्रिया सुल को सौंपना चाहते हैं: फडणवीस

मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता शरद पवार ने 'अपनी विरासत को हस्तांतरित करने' के लिए अपनी बेटी सांसद सुप्रिया सुले को सबसे आगे रखा है। उन्होंने कहा कि पवार 'विपक्षी एकता के चालक' हैं।

वंशवाद की राजनीति पर हमला

एएनआइ के साथ एक इंटरव्यू में, जो एनसीपी में संकट से पहले 29 जून को रिकॉर्ड किया गया था, फडणवीस ने वंशवाद की राजनीति पर हमला किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय राजनीति में इसके प्रभाव को कम कर दिया है।

''विपक्षी एकता के संचालक हैं शरद पवार''

फडणवीस ने कहा कि शरद पवार ने विपक्षी दलों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा,

विपक्षी दलों को एक साथ लाने वाले व्यक्ति पवार साहब हैं और विपक्षी दलों को एक साथ लाने के पीछे की शक्ति, जो पार्टियां एक-दूसरे को आमने-सामने नहीं देख सकतीं, वे भी पवार साहब हैं। विपक्षी एकता के संचालक भी पवार ही हैं। उनके स्वास्थ्य संबंधी कारण हैं, लेकिन वह फिट हैं।

शरद पवार अब जगह-जगह दौरे करते हैं। वह राजनीतिक तौर पर पूरी तरह सतर्क हैं। उनकी गिनती उन राजनेताओं में होती है, जो राजनीति को हर पहलू से जानते हैं। वह निश्चित रूप से अपनी पार्टी की विरासत को वैसे ही हस्तांतरित करना चाहते हैं, जैसे सभी पारिवारिक पार्टियां चाहती हैं। अपनी विरासत को स्थानांतरित करने के लिए उन्होंने सुप्रियाजी को सबसे आगे रखा है।

''एनसीपी की ड्राइविंग सीट पर बैठने वाले व्यक्ति शरद पवार ही हैं''

फडणवीस ने कहा कि शरद पवार राजनीतिक रूप से सक्रिय रहेंगे, क्योंकि वह एनसीपी प्रमुख बने रहेंगे। अगर उन्हें बैकसीट पर बैठना होता तो उन्होंने सुप्रिया सुले को पार्टी अध्यक्ष बना दिया होता, लेकिन उन्होंने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। उन्होंने अपनी विरासत को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया स्थापित की है, लेकिन ड्राइविंग सीट पर बैठने वाले व्यक्ति शरद पवार ही हैं।

जून में सुप्रिया सुले को बनाया गया एनसीपी का कार्यकारी अध्यक्ष

शरद पवार ने जून में सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता रह चुके एनसीपी नेता अजित पवार रविवार को उपमुख्यमंत्री के तौर पर महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए, जिससे उनकी पार्टी में फूट पड़ गई। एनसीपी में संकट का असर महाराष्ट्र के भीतर और राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ रहा है।

'वंशवाद की राजनीति में सरकार एक परिवार की सेवा करती है'

फडणवीस ने कहा कि नेताओं को उनकी क्षमताओं के आधार पर पदोन्नत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,  

हम किसी राजनेता की बेटी और बेटे के राजनेता बनने के विरोध में नहीं हैं। हम जो कहना चाह रहे हैं वह यह है कि किसी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए ऊंचे पद पर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि वह किसी खास राजनेता का बेटा है। यदि कोई व्यक्ति अयोग्य है या उसके पास समझ या क्षमता नहीं है तो उसे उच्च पद पर पदोन्नत नहीं किया जाना चाहिए। हम इस तरह की वंशवादी राजनीति के खिलाफ हैं, यह गलत है।

वंशवादी राजनीति का नतीजा यह होता है कि सरकार लोगों की नहीं, बल्कि एक परिवार की सेवा करती है, लेकिन मोदी जी के सत्ता में आने के बाद इस तरह की राजनीति कम हो गई है। इसके बाद, एकमात्र वंश जो टिकेगा, वह वही है जो लोगों की सेवा करेगा।

एनडीए के खिलाफ मोर्चा बना रहे विपक्षी दल

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए विपक्षी दल केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के खिलाफ मोर्चा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले महीने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में 15 राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए थे