'बैंकों में मराठी भाषा को लेकर बंद करें आंदोलन', MNS कार्यकर्ताओं से राज ठाकरे की अपील
राज ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं से बैंकों में मराठी भाषा लागू करने के आंदोलन को फिलहाल रोकने को कहा है। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर पर्याप्त जागरूकता फैलाई जा चुकी है। उन्होंने सरकार से आरबीआई के नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की। बैंक यूनियनों की शिकायतों और सरकार की सख्ती के बीच ठाकरे ने चेताया कि मराठी का अपमान सहन नहीं किया जाएगा।

पीटीआई, मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं से बैंकों और अन्य संस्थानों में मराठी भाषा के इस्तेमाल को लागू करने के लिए चल रहे 'आंदोलन' को फिलहाल रोकने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अब तक काफी जागरूकता फैलाई जा चुकी है।
राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे एक पत्र में कहा कि इस आंदोलन ने यह दिखा दिया है कि स्थानीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों का पालन न करने के क्या परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने लिखा, "अब इस आंदोलन को रोकने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि हमने इस मुद्दे पर पर्याप्त जागरूकता फैला दी है।"
कानून के पालन की जिम्मेदारी सरकार की: ठाकरे
राज ठाकरे ने अपने पत्र में आगे लिखा कि आंदोलन को फिलहाल रोका जा रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ध्यान हट जाए। मनसे चीफ राज ठाकरे ने चेतावनी के लहजे में कहा, "मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह इस कानून को सख्ती से लागू करे। जहां भी इस कानून का पालन नहीं होता या जहां मराठी मानुष का अपमान होता है, वहां मनसे बातचीत का रास्ता अपनाएगी।"
यह निर्देश उस दिन आया जब बैंक यूनियनों के संगठन 'यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस' ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर शिकायत की कि खुद को मनसे कार्यकर्ता बताने वाले लोग बैंक शाखाओं में जाकर कर्मचारियों को धमका रहे हैं। उनका कहना था कि ये कार्यकर्ता बैंकों से मांग कर रहे हैं कि सभी सूचना पट्ट केवल मराठी में हों और सभी अधिकारी मराठी में ही बात करें। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मारपीट भी की गई है।
कानून अपने हाथ में लेने पर सरकार की सख्ती
मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके जवाब में ठाकरे ने कहा, "हम किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने नहीं देंगे और न ही हमारी मंशा ऐसी है। लेकिन आप कानून के रक्षक हैं, तो क्या आपको आरबीआई के नियम लागू नहीं करने चाहिए?"
गुरुवार को मनसे के कुछ सदस्यों ने ठाणे की एक निजी बैंक शाखा के प्रबंधक से मराठी साइनबोर्ड लगाने का आश्वासन लिया और वहां लगे एक अंग्रेज़ी बोर्ड को हटा दिया।
गुड़ी पड़वा रैली में दी थी चेतावनी
30 मार्च को आयोजित अपनी गुड़ी पड़वा रैली में भी ठाकरे ने पार्टी की यह नीति दोहराई थी कि सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों में मराठी का इस्तेमाल अनिवार्य होना चाहिए। इस रैली में उन्होंने चेतावनी दी थी कि जो लोग जानबूझकर मराठी नहीं बोलते, उन्हें "थप्पड़ मारा जाएगा।"
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