ओमप्रकाश तिवारी, मुंबई।  महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में अब महिला मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जाहिर की है। उनके बयान के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि वे किस महिला को राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं। शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि हमें महाराष्ट्र की रक्षा करने के लिए साथ आने की जरूरत है। अब हमें राज्य में सत्ता आने पर एक महिला को मुख्यमंत्री की कुर्सी की पर बैठाना चाहिए।

उनके इस बयान के बाद अमरावती की निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने हालांकि यह सवाल उठाया है कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद पर घर की महिला को बैठाने का स्वप्न देख रहे हैं, या बाहर की ? लेकिन दूसरी ओर उद्धव के इस बयान के गहरे अर्थ भी निकाले जा रहे हैं।

सुप्रिया सुले को ही राज्य की अगली मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं उद्धव ठाकरे

बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय शिवसेना के बजाय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद एवं शरद पवार की पुत्री सुप्रिया सुले काफी सक्रिय मानी जाती हैं। 2019 में महाविकास आघाड़ी के गठन के बाद से उद्धव ठाकरे एवं पवार परिवार के संबंध भी काफी मधुर हो चले हैं। शरद पवार की ही रणनीति की बदौलत उस समय कांग्रेस भी साथ आई, और ठाकरे परिवार के किसी व्यक्ति, यानी स्वयं उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सका। माना जा रहा है कि अब उद्धव महिला मुख्यमंत्री का जुमला उछालकर सुप्रिया सुले को ही राज्य की अगली मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करना चाहते हैं। ऐसा करके वह शरद पवार का कर्ज तो चुकाएंगे ही, महाविकास आघाड़ी की एकजुटता भी बनाए रख सकेंगे।

उपमुख्यमंत्री पद से आगे नहीं बढ़ पाए अजीत पवार 

यह भी माना जा रहा है कि राज्य की राजनीति में सुप्रिया को आगे लाने के लिए उद्धव ठाकरे को पवार परिवार से ही इशारा किया गया होगा। क्योंकि शरद पवार के परिवार में राज्य की राजनीति उनके भतीजे अजीत पवार के और केंद्र की राजनीति बेटी सुप्रिया सुले के हिस्से मानी जाती है। लेकिन शरद पवार ने आज तक अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री पद से आगे नहीं बढ़ने दिया है।

2004 के विधानसभा चुनाव में जब उनकी पार्टी राकांपा की सीटें कांग्रेस से ज्यादा आईं तो अजीत पवार ने राकांपा की ओर से स्वयं को मुख्यमंत्री पद देने का दबाव बनाया था। लेकिन तब शरद पवार ने मुख्यमंत्री पद ही कांग्रेस को देकर अजीत पवार की दावेदारी की हवा निकाल दी थी। बदले में उन्होंने अपने लिए केंद्र की मनमोहन सरकार में कृषिमंत्री का पद मांग लिया था, जिस पर पूरे 10 साल विराजमान रहे।

उद्धव ठाकरे के कंधे पर रखकर बंदूक चलाना चाहते हैं शरद पवार

महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीति में भी अजीत पवार लगभग हाशिए पर ही नजर आते हैं। वह अब तक चार बार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। लेकिन उनके मुख्यमंत्री बनने का योग दिखाई नहीं देता। चूंकि अब उद्धव और शरद पवार के रिश्ते मधुर हैं। इसलिए शरद पवार स्वयं कोई निर्णय लेने के बजाय उद्धव ठाकरे के कंधे पर रखकर बंदूक चलाना चाहते हैं। उद्धव भी जानते हैं कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बड़ी बगावत के बाद उनके परिवार से तो निकट भविष्य में किसी के मुख्यमंत्री बनने की कोई संभावना है नहीं। इसलिए क्यों न शरद पवार के ही परिवार की बैसाखी बनकर सत्ता का सुख भोगा जाय।

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Edited By: Piyush Kumar

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