Maharashtra: ठाणे में 1,000 से अधिक बच्चे कुपोषण का शिकार, जिले में 'कुपोषण मुक्तिसाथी दत्तक-पालक अभियान' की हुई शुरुआत
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनुज जिंदल ने शुक्रवार को जिले के शाहपुर तालुका में कुछ कुपोषित बच्चों के परिवारों से मुलाकात की। प्रेस रिलीज में कहा गया है कि कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी लाने के लिए जिले में कुपोषण मुक्तिसाथी दत्तक-पालक अभियान शुरू किया गया है जिसमें सरकारी अधिकारी एक-एक बच्चे को गोद लेंगे और उसकी देखभाल करेंगे।
पीटीआई, ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बाल कुपोषण के लगभग 1,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, जिले में 'गंभीर तीव्र कुपोषण' के 83 मामले और 'मध्यम तीव्र कुपोषण' के 1,161 मामले हैं।
कुपोषित बच्चों के परिवार से मिले अधिकारी
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनुज जिंदल ने शुक्रवार को जिले के शाहपुर तालुका में कुछ कुपोषित बच्चों के परिवारों से मुलाकात की। साथ ही, उन्हें कहा कि छह महीने के भीतर ठाणे में कुपोषण को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
कुपोषण मुक्तिसाथी दत्तक-पालक अभियान की होगी शुरुआत
प्रेस रिलीज में कहा गया है कि कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी लाने के लिए जिले में 'कुपोषण मुक्तिसाथी दत्तक-पालक अभियान' शुरू किया गया है, जिसमें सरकारी अधिकारी एक-एक बच्चे को गोद लेंगे और उसकी देखभाल करेंगे। अपने दौरे के दौरान, सीईओ ने गांवों में सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों और बाल उपचार केंद्रों में किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया।
15 दिन में बच्चों का जायजा लेने का निर्देश
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अन्य अधिकारियों से हर 15 दिनों में गोद लिए गए बच्चों के संपर्क में रहने को कहा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, डॉक्टरों, नर्सों और पर्यवेक्षकों को प्रतिदिन कुपोषित बच्चों से मिलने और उनकी प्रगति की जांच करने का निर्देश दिया।
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