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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jalgaon Train Accident में चायवाले की वजह से गई 13 लोगों की जान? डिप्टी सीएम का बड़ा खुलासा, बताया कैसे हुआ हादसा

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Thu, 23 Jan 2025 11:59 AM (IST)

Jalgaon Train Accident लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैल गई। इससे ट्रेन में ...और पढ़ें

Jalgaon Train Accident: अफवाह फैलने के बाद पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन से कूद पड़े कई यात्री।(फोटो सोर्स: पीटीआई)
Jalgaon Train Accident: अफवाह फैलने के बाद पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन से कूद पड़े कई यात्री।(फोटो सोर्स: पीटीआई)

HighLights

  1. पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन से 30-40 यात्री कूद पड़े थे।
  2. ब्रेक-बाइंडिंग (जैमिंग) के कारण ट्रेन में चिंगारी उठी।
  3. मृतकों के परिजनों के लिए 1.5-1.5 लाख रुपये मिलेंगे।

पीटीआई, मुंबई। Jalgaon Train Tragedy। महाराष्ट्र के जलगांव में बुधवार शाम एक बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैल गई। इससे ट्रेन में सफर कर रहे यात्री इतना डर गए कि वह चलती ट्रेन से ही कूदने लगे।

इसी बीच बगल की पटरी से कर्नाटक एक्सप्रेस ट्रेन आ रही थी। ट्रेन से कूदने वाले कई लोग कर्नाटक एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। इस घटना में 13 लोगों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, 30 से 40 लोग ट्रेन से कूद पड़े थे। यह हादसा जलगांव की पाचोरा तहसील के परधाडे गाव के पास हुआ।

वरिष्ठ रेल अधिकारी ने जानकारी दी कि 'पुष्पक एक्सप्रेस के एक डिब्बे के अंदर 'हॉट एक्सल' या 'ब्रेक-बाइंडिंग' (जैमिंग) के कारण चिंगारी उठी, जिससे कुछ यात्री घबरा गए। उन्होंने जंजीर खींची और उनमें से कुछ पटरी से नीचे कूद गये। उसी समय बगल के ट्रैक से दूसरी ट्रेन गुजर रही थी।'

चाय वाले ने फैलाई थी अफवाह: अजित पवार

अजित  पवार ने कहा कि यह अफवाह दो व्यक्तियों उधल कुमार और विजय कुमार ने फैलाई। दोनों एक चाय वाले की बात में आ गए। सबसे पहले चाय वाले ने अफवाह फैलाई कि ट्रेन में आग लग गई है।  इसके बाद ट्रेन के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उस चायवाले ने खुद ही चेन खींच दी। जब ट्रेन धीमी होने लगी तो यात्री जान बचाने के लिए ट्रेन से कूदने लगे।

पत्रकारों से बात करते हुए अजित पवार ने कहा, ''रेलवे हादसे के बाद प्रशासन और अन्य बल सक्रिय हो गए और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। श्रावस्ती के उधल कुमार और विजय कुमार ट्रेन में सवार थे। वे ट्रेन में यात्रा कर रहे थे।  जनरल बोगी और ऊपरी बर्थ पर बैठे थे। पेंट्री से एक चाय बेचने वाले ने बोगी में आग लगने के बारे में चिल्लाया, दोनों ने यह सुना और घबरा गए।"

अजित पवार ने आगे कहा"कुछ यात्री खुद को आग से बचाने के लिए चलती ट्रेन से बाहर कूद गए, लेकिन ट्रेन अच्छी गति से चल रही थी इसलिए एक व्यक्ति ने चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई। कई यात्री ट्रेन से उतर गए और आगे बढ़ गए रेलवे ट्रैक पार कर रहा थे। इसी सामने वाली पटरी से कर्नाटक एक्सप्रेस बहुत तेज गति से आई और रेलवे ट्रैक पार कर रहे यात्रियों को टक्कर मार दी।"

13 मृतकों में 10 की हुई पहचान

डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि मारे गए 13 लोगों में से कुल 10 मृतकों की पहचान हो चुकी है जबकि तीन मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। घायलों की कुल संख्या 10 है, जिनमें से 8 पुरुष हैं जबकि दो महिलाएं हैं और उनका जलगांव के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मृतकों के परिवार वालों को दी जाएगी  1.5 लाख अनुग्रह राशि

घायल व्यक्तियों को जलगांव के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। रेल मंत्रालय ने जलगांव ट्रेन दुर्घटना में मृतकों के परिजनों के लिए 1.5-1.5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

रेल मंत्री कार्यालय ने कहा, "जलगांव ट्रेन दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 50,000 रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 5,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।

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