यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maharashtra में उद्धव गुट को लगा फिर झटका, पूर्व विधायक कृष्णा हेगड़े एकनाथ शिंदे के गुट में हुए शामिल
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट के पूर्व विधायक कृष्णा हेगड़े एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो गए। इससे पहले ...और पढ़ें

मुंबई (महाराष्ट्र), एजेंसी। महाराष्ट्र (Maharashtra) में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackrey) की अगुवाई वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को फिर से एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि उनके खेमे के पूर्व विधायक कृष्णा हेगड़े (Krishna Hegde) सोमवार को एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए। इससे पहले दिग्गज नेता और सांसद गजानन कीर्तिकर (Gajanan Kirtikar) भी हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे गुट का दामन छोड़कर एकनाथ शिंदे के शिविर में शामिल हुए हैं। मालूम हो कि एकनाथ शिंदे ने इसी साल 30 जून को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
मालूम हो कि एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने इसी साल 30 जून को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। ऐसा तब हआ जब शिंदे गुट के 39 विधायकों ने महाविकास अघाड़ी (Mahavikas Aghadi) से अलग होकर भाजपा का समर्थन किया था। इस घटना के बाद से महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुटों में तकरार जारी है। दोनों के बीच 'असली शिवसेना कौन' होने को लेकर लड़ाई चल रही है।
बीते 11 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को दो तलवार और एक ढाल का चुनाव चिन्ह दिया। इसके एक दिन पहले निर्वाचन आयोग ने सीएम शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को नया नाम आवंटित किया। पार्टी का नया नाम 'बालासाहेबांची शिवसेना' रखा गया। इसी के साथ उद्धव गुट को 'मशाल चुनाव चिन्ह' आवंटित हुआ।
मालूम हो कि शिवसेना के उद्धव ठाकरे और शिंदे के नेतृत्व वाले दोनों ही खेमों ने अपनी पसंद के तीन-तीन वैकल्पिक चिन्ह और औपचारिक नाम भेजे थे। चुनाव आयोग ने ठाकरे गुट के लिए पार्टी के नाम के रूप में 'शिवसेना - उद्धव बालासाहेब ठाकरे' भी आवंटित किया।
