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    Jalna violence: सितंबर की जालना हिंसा के लिए शरद पवार गुट पर उठ रही उंगली, भाजपा विधायक नितेश राणे के बाद अब शिंदे गुट ने भी उठाए सवाल

    By Jagran NewsEdited By: Babli Kumari
    Updated: Mon, 27 Nov 2023 09:59 PM (IST)

    पहले भाजपा विधायक नितेश राणे ने एक तस्वीर जारी कर सीधे शरद पवार पर आरोप लगाया। अब एकनाथ शिंदे गुट के प्रवक्ता संजय शिरसाट ने भी शरद पवार गुट पर निशाना साधा है।एक दिन पहले ही नितेश राणे ने एक तस्वीर जारी की थी जिसमें शरद पवार राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे एवं एक अन्य व्यक्ति के साथ दिखाई दे रहे थे।

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    सितंबर के प्रथम सप्ताह में महाराष्ट्र के जालना में हुई हिंसा (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, मुंबई।  सितंबर के प्रथम सप्ताह में महाराष्ट्र के जालना में हुई हिंसा के लिए अब राकांपा के शरद पवार गुट पर उंगलियां उठने लगी हैं। पहले भाजपा विधायक नितेश राणे ने एक तस्वीर जारी कर सीधे शरद पवार पर आरोप लगाया। अब एकनाथ शिंदे गुट के प्रवक्ता संजय शिरसाट ने भी शरद पवार गुट पर निशाना साधा है।एक दिन पहले ही नितेश राणे ने एक तस्वीर जारी की थी, जिसमें शरद पवार राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे एवं एक अन्य व्यक्ति के साथ दिखाई दे रहे थे।

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    राणे के अनुसार, पवार और टोपे के साथ दिखाई दे रहा तीसरा व्यक्ति एक सितंबर को जालना में हुई हिंसा के मुख्य आरोपितों में से एक हृषिकेश बदरे पाटिल है। अब राणे के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के प्रवक्ता एवं विधायक संजय शिरसाट ने भी जालना हिंसा के लिए शरद पवार गुट के एक नेता एवं उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना साधा है।

    'जालना में हिंसा के दिन बड़े नेता वहां थे उपस्थित'

    शिरसाट का कहना है कि जिस दिन जालना में हिंसा हुई, उसी दिन जालना के सरकारी अतिथि गृह में शरद पवार गुट का एक बड़ा नेता उपस्थित था। चूंकि अभी मामले की जांच चल रही है, इसलिए मैं उस नेता का नाम नहीं लूंगा। लेकिन, जालना हिंसा के तुरंत बाद मनोज जरांगे पाटिल के अनशन स्थल पर राकांपा शरद पवार गुट के बड़े नेताओं का पहुंचना दर्शाता है कि शांति से चल रहे मराठा आंदोलन को हिंसक बनाने की साजिश कुछ नेता रच रहे थे।

    लाठीचार्ज को लेकर सरकार को आलोचना का होना पड़ा था शिकार

    मराठों को कुनबी का दर्जा प्रदान कर उन्हें ओबीसी कोटे के अंतर्गत आरक्षण देने की मांग करते हुए मराठा आंदोलनकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने इसी वर्ष 28 अगस्त से जालना के अंतरवली सराटी गांव में आमरण अनशन शुरू किया था। इस अनशन के चौथे दिन एक सितंबर को कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा पथराव करने के बाद पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी थीं। इस लाठीचार्ज को लेकर सरकार को आलोचना का शिकार होना पड़ा था।

    बाद में जांच के दौरान पुलिस पर पथराव करने वाले जिन लोगों का नाम सामने आया था, उनमें एक नाम हृषिकेश बदरे पाटिल का भी था। जबकि, तीन सितंबर को स्वयं हृषिकेश ने अपने फेसबुक अकाउंट में शरद पवार और राजेश टोपे के साथ अपनी एक तस्वीर पोस्ट की थी।

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