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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'कुछ लोग दावा करते हैं कि...', इशारों-इशारों में जयशंकर ने साधा निशाना; अमेरिका को भी खूब सुनाया

Published: Sun, 23 Mar 2025 11:30 PM (IST)

जयशंकर ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम से मुक्त करने के बारे में व्यापक चिंता है। इसका समाधान ...और पढ़ें

भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने पर भी बोले जयशंकर (फोटो: पीटीआई)
भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने पर भी बोले जयशंकर (फोटो: पीटीआई)

HighLights

  1. टैरिफ वॉर को लेकर अमेरिका को घेरा
  2. समग्र रणनीति की जरूरत पर बल दिया
  3. ऊर्जा विकल्प तलाशने पर भी बोले मंत्री

पीटीआई, मुंबई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत को आवश्यक रूप से व्यापक और विविध ऊर्जा संबंध विकसित करने होंगे। वह स्पष्ट रूप से यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने की ओर इशारा कर रहे थे, जिसकी पश्चिमी देशों के एक वर्ग ने आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को एक समग्र रणनीति की आवश्यकता है। विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार को यहां एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि दशकों तक वैश्वीकरण के गुणों के बारे में सुनने के बाद आज दुनिया औद्योगिक नीतियों, निर्यात नियंत्रण और शुल्क युद्ध की वास्तविकता से जूझ रही है।

नवीकरणीय ऊर्जा पर दिया जोर

उन्होंने कहा कि आने वाले दशकों के लिए अनुकूल ऊर्जा वातावरण सुनिश्चित करना भारत के प्रमुख कूटनीतिक उद्देश्यों में से एक है। भारत का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन के अलावा बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा का विकास एवं उपयोग करना और छोटे मॉड्यूलर संयंत्रों की संभावनाओं का पता लगाना भी है।

जयशंकर ने कहा, 'विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को आवश्यक रूप से ऊर्जा संबंधों का एक व्यापक और विविध स्वरूप विकसित करना होगा। भारतीय दूतावास अब देश के वाणिज्यिक हितों की खोज में पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय हैं। वे जहां भी संभव हो, सूचना देते हैं, सलाह देते हैं और सुविधा प्रदान करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारा व्यवसाय अच्छा चले।

जयशंकर बोले- भारत को समग्र रणनीति की आवश्यकता

उन्होंने कहा, 'हाल के वर्षों में एक नीतिगत निर्णय, जिसका महत्वपूर्ण आर्थिक निहितार्थ है, यूक्रेन संघर्ष के बाद ऊर्जा विकल्प तलाशने पर हमारा जोर था। सच्चाई यह थी कि हर देश ने वही किया, जो उसके अपने हित में था, भले ही कुछ लोग इसके विपरीत दावा करते हों।' जयशंकर स्पष्ट रूप से यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने की ओर इशारा कर रहे थे, जिसकी पश्चिमी देशों के एक वर्ग ने आलोचना की है।

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को एक समग्र रणनीति की आवश्यकता है। भारत उन कुछ देशों में शामिल है जो रूस और यूक्रेन, इजरायल और ईरान, ग्लोबल साउथ, ब्रिक्स और क्वाड के साथ एक साथ जुड़ सकते हैं। ब्रिक्स भारत सहित अग्रणी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह के बीच सहयोग का एक मंच है। वहीं, क्वाड ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के बीच एक कूटनीतिक साझेदारी है।

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