यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Air India: कॉकपिट मामले में DGCA ने पायलट का लाइसेंस किया सस्पेंड, सुरक्षा मानकों का बताया उल्लंघन
कॉकपिट नियमों के उल्लंघन के बाद DGCA ने पायलट के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है और पायलट के लाइसेंस को ...और पढ़ें

मुंबई, पीटीआई। डीजीसीए ने इस माह की शुरुआत में चंडीगढ़-लेह फ्लाइट के कॉकपिट में एक बाहरी महिला को बिठाने पर एअर इंडिया के एक पायलट का लाइसेंस एक साल के लिए निलंबित कर दिया है। डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी करके कहा कि उन दिन ड्यूटी पर कमान संभालने वाले पायलट का लाइसेंस पूरे एक साल के लिए निलंबित किया है।
DGCA ने नियमों का बताया उल्लंघन
तीन जून की घटना के बाद से डीजीसीए ने दोनों पायलटों के खिलाफ जांच लंबित रहने तक उड़ान भरने पर रोक लगा दी है। डीजीसीए के सुरक्षा मानकों के अनुसार अनाधिकृत लोगों को कॉकपिट में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती है। ऐसे किसी भी प्रवेश को नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

डीजीसीए के बयान के अनुसार इसी माह तीन जून की घटना में एअर इंडिया की फ्लाइट एआइ-458 (चंडीगढ़-लेह) में एक पायलट की महिला मित्र ने प्रवेश किया था। लेकिन वरिष्ठ पायलट ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। इसलिए एयरक्राफ्ट नियम 1937 के तहत अपने अधिकार का दुरुपयोग करने पर आरोपित पायलट का लाइसेंस एक साल के लिए निलंबित किया गया है। जबकि वरिष्ठ पायलट के आपत्ति नहीं जताने पर उनका लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित किया गया है।
