यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आगरा में छत्रपति शिवाजी का भव्य स्मारक बनाने को मिली हरी झंडी, महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया शासनादेश
आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक बनना की योजना को हरी झंडी मिल गई है। महाराष्ट्र सरकार ने ...और पढ़ें

HighLights
- महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया शासनादेश, मुख्यमंत्री ने पहले ही कर चुके थे एलान
- औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को आगरा में नजरबंद कर दिया था
पीटीआई, मुंबई। आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक बनना की योजना को हरी झंडी मिल गई है। महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए शुक्रवार को एक शासनादेश (जीआर) जारी किया है। इसका एलान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही कर चुके हैं।
औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को आगरा में नजरबंद कर दिया था
उन्होंने आगरा के एक कार्यक्रम में पिछले महीने 19 फरवरी को ऐसी इच्छा जाहिर की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज का आगरा से गहरा नाता रहा है। औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को आगरा में नजरबंद कर दिया था। जहां से वे साल 1666 में अपने बेटे के साथ भाग निकले थे।
नागपुर में औरंगजेब की कब्र को लेकर बवाल मचा
अब महाराष्ट्र सरकार उसी जगह पर उत्तर प्रदेश सरकार की मदद से शिवाजी महाराज का स्मारक बनाएगी। इसे लेकर सरकारी आदेश ऐसे समय में जारी हुआ है, जब नागपुर में औरंगजेब की कब्र को लेकर बवाल मचा है।
भूमि अधिग्रहण को लेकर होगा काम
छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक बनाने के लिए राज्य के पर्यटन मंत्री के नेतृत्व में इतिहासकारों की एक समिति गठित की गई है। इस संबध में जारी जीआर में कहा गया है कि पर्यटन विभाग को स्मारक का निर्माण करने, इसके लिए धन जुटाने और भूमि अधिग्रहण के पहलुओं पर विचार करने का काम सौंपा गया है।
पर्यटन मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति में इतिहासकार और विशेषज्ञ शामिल होंगे तथा यह स्वतंत्र रूप से कार्य करेगी। समिति आगरा में उस परिसर का अधिग्रहण करेगी, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज को मुगलों ने नजरबंद रखा था।
शिवाजी महाराज को मुगलों ने आगरा में कैद कर लिया था
महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी जीआर में बताया गया है कि शिवाजी महाराज को मुगलों ने आगरा में कैद कर लिया था, लेकिन वे अपनी बुद्धिमत्ता और चतुराई से वहां से भाग निकले और महाराष्ट्र वापस आ गए. लेकिन वहां कोई स्मारक या प्रतीक नहीं है। जब महाराष्ट्र के लोग उस जगह जाते हैं, तो उन्हें कोई प्रतीक नहीं दिखता। ऐसे में जिस जगह उन्हें कैद किया गया था, वहां पर भव्य स्मारक बनाया जाएगा।
शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के आराध्य देवता
इसमें कहा गया है कि शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के आराध्य देवता हैं। उनकी वीर गाथा की प्रशंसा की जानी चाहिए. इस परियोजना के लिए राज्य पर्यटन विभाग द्वारा आवश्यक धनराशि आवंटित की जाएगी। इससे पहले महाराष्ट्र बजट सत्र के दौरान भी इस परियोजना पर चर्चा हुई थी।
