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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Blast In Jabalpur: जबलपुर की आर्डनेंस फैक्ट्री में बड़ा धमाका, हादसे में 13 घायल और दो कर्मचारियों की मौत

Published: Tue, 22 Oct 2024 12:22 PM (IST)Updated: Tue, 22 Oct 2024 12:59 PM (IST)

मध्‍य प्रदेश में जबलपुर की आर्डनेंस फैक्ट्री में बड़ा धमाका हुआ है जिसमें 15 लोग घायल हो गए हैं। बताया ...और पढ़ें

जबलपुर आर्डनेंस फैक्टरी की प्रशासनिक इमारत की तस्वीर
जबलपुर आर्डनेंस फैक्टरी की प्रशासनिक इमारत की तस्वीर

HighLights

  1. जबलपुर की आर्डनेंस फैक्टरी में हुआ ब्लास्ट
  2. धमाके में दो कर्मचारियों की मौत
  3. घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। (Jabalpur News) मध्य प्रदेश के जबलपुर की आयुध निर्माणी खमरिया के एफ6 अनुभाग में मंगलवार की सुबह पिच्योरा बम को बॉयल्ड आउट करते समय फायर हो गया। जिस समय ब्‍लास्‍ट हुआ उस वक्‍त भवन में लगभग 12 से 13 लोग काम कर रहे थे। हादसे में सभी लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को महाकौशल हॉस्पिटल भेज दिया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

चिकित्‍सकों ने बताया कि महाकौशल हॉस्पिटल रेफर किया गया है उनके नाम श्यामलाल और रणधीर है। दोनों की हालत गंभीर है, जिन्‍हें कम चोट लगी है उनका भी उपचार किया जा रहा है। वहीं, मलबे में अभी भी कई कर्मचारियों के दबे होने की आशंका। राहत बचाव कार्य जारी है।

धमाके में उड़ी पूरी बिल्डिंग

मिली जानकारी के अनुसार, ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में मंगलवार सुबह 10:45 बजे एफ6 सेक्शन की बिल्डिंग नंबर 201 में ब्लास्ट हुआ जिसमें प्रारंभिक सूचना के मुताबिक, दो कर्मचारी गंभीर रूप से जख्मी हुए थे, जिन्हें जबलपुर के महाकौशल हॉस्पिटल ले जाया गया है, उपचार के दौरान एक कर्मी की मौत हो गई। फैक्ट्री की इस बिल्डिंग में थाउजेंड पाउडर बम का उत्पादन होता है जो कि भारतीय वायुसेना उपयोग करती है। हादसे में पूरी बिल्डिंग उड़ गई।

फैक्ट्री में भारतीय सेना के लिए बनते हैं हथियार

जबलपुर की आर्डनेंस फैक्ट्री में धमाके की चपेट में आए कर्मचारियों को नजदीक के महाकौशल हॉस्पिटल भेज दिया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। जबलपुर आर्डनेंस फैक्ट्री की स्थापना ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी। इसका उद्देश्य भारतीय सेना के लिए हथियार और गोला-बारूद का उत्पादन करना था। आजादी के बाद, इस फैक्ट्री का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया और इसे भारत सरकार के अधीन कर दिया गया।

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