दूषित जल कांड से मन में समाया भय, टैंकर से सप्लाई के बाद भी कैन मंगाकर पानी पी रहे भागीरथपुरा के लोग
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत हो चुकी है, कई अस्पताल में भर्ती हैं। इस त्रासदी ने लोगों में पानी के प्रति गहरा भय पैदा कर दिया ...और पढ़ें

भागीरथपुरा में टैंकर से पानी सप्लाई।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से मची त्रासदी के बाद हालात बेहद भयावह बने हुए हैं। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग तबीयत बिगड़ने पर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस घटना ने क्षेत्रवासियों के मन में पानी को लेकर ऐसा डर बैठा दिया है कि नगर निगम द्वारा टैंकर से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के बावजूद लोग उसे पीने से कतरा रहे हैं।
आलय यह है कि कई परिवार बाहर से मिनरल वॉटर के कैन मंगवाकर पानी पी रहे हैं। जो लोग टैंकर का पानी उपयोग कर भी रहे हैं, वे उसे पहले अच्छी तरह उबालने के बाद ही इस्तेमाल कर रहे हैं। लगातार बढ़ते मौतों के आंकड़े और रोज सामने आ रहे नए मरीजों ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
नगर निगम के टैंकर रोज भागीरथपुरा के अलग-अलग क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति कर रहे हैं, लेकिन लोगों का भरोसा अब भी बहाल नहीं हो सका है। कई रहवासी मानते हैं कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं होती, वे सुरक्षित विकल्प ही अपनाएंगे।
यह भी पढ़ें- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का सच उजागर, नगर निगम की लापरवाही पर सवाल, चार साल से अफसरों को पता थी हकीकत
जांच में सामने आया खतरनाक सच
उधर, भागीरथपुरा में नर्मदा पाइपलाइन से सप्लाई हो रहे पानी की जांच में ई-कोलाई और शिगेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार ये बैक्टीरिया मानव मल में पाए जाते हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि ड्रेनेज लाइन का पानी किसी तरह नर्मदा पाइपलाइन में मिल रहा था।
इलाके के लोग जिस पानी को शुद्ध समझकर रोजाना पी रहे थे, वही पानी गंभीर संक्रमण का कारण बन गया। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन भागीरथपुरा के लोगों के मन से पानी का डर दूर होना आसान नहीं दिख रहा।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।