इंदौर में 14 मौतों का सबब बना पाइपलाइन लीकेज, जिससे पानी में मिले खतरनाक बैक्टीरिया, जांच में पुष्टि, NHRC ने मांगी रिपोर्ट
इंदौर में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 14 हो गई है, जिसमें 43 वर्षीय अरविंद लिखार 14वें शिकार हैं। भागीरथपुरा से लिए गए पानी के नमूनों में खतरना ...और पढ़ें

पाइपलाइन में लीकेज की वजह से पेयजल में मिल रहा था ड्रेनेज।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को कुलकर्णी का भट्टा निवासी 43 वर्षीय अरविंद लिखार की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 14 तक पहुंच गई है। स्वजन ने बताया कि वह बेलदारी करता था और पिछले कई दिनों से भागीरथपुरा में मजदूरी करने जा रहा था।
रविवार को भी वह मजूदरी करने वहां गया था। दोपहर में वह काम से लौट आया। पिता हीरालाल ने पूछा तो उसने बताया कि उसे उल्टी-दस्त हो रहे हैं। उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां से दवाई-गोली लेकर वह घर आ गया। इसके बाद से ही वह बीमार चल रहा था।
बुधवार को स्थिति गंभीर हुई तो पिता उसे लेकर एमवायएच पहुंचे। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हीरालाल ने बताया कि अरविंद परिवार में इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसके तीन बच्चे हैं। दूषित पानी की वजह से तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
बता दें कि दूषित पानी पीने से बीमार हुए आठ लोगों की गत मंगलवार को जान चली गई थी। अब तक करीब 2800 मरीज सामने आए हैं। इनमें से 201 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। 32 मरीज ICU में भर्ती हैं।
पानी में मिले खतरनाक बैक्टीरिया
भागीरथपुरा से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट गुरुवार को सामने आ गई। एमजीएम मेडिकल कालेज और नगर निगम की लैब, दोनों ने पुष्टि की है कि रहवासी नर्मदा जल समझकर जो पानी पी रहे थे, उसमें ड्रेनेज मिला हुआ था। पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं जो इस्तेमाल के लायक भी नहीं था।
सहायता राशि के चेक, आक्रोश भी झेलना पड़ा
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को चार मृतकों के स्वजन को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस दौरान रहवासियों ने नाराजगी जताई और कहा कि शासन वास्तविक मौतों से कम आंकड़ा मान रहा है। विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है और डायरिया से हुई मौतों की जांच कर सहायता दी जाएगी।
NHRC ने मुख्य सचिव से दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह में मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि खबरों के मुताबिक लोग लगातार दूषित पानी की शिकायत कर रहे, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

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