भोपाल, जेएनएन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में लोगों से पैसे लेने वाले अधिकारियों को नहीं छोडूंगा। शिवराज ने पांच माह बाद हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में कलेक्टर-कमिश्नर, आइजी-पुलिस अधीक्षक कांफ्रेंस में अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मैं औचक निरीक्षण करूंगा। उनके मुताबिक, गड़बड़ी मिली को बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुझे पता लगा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में अधिकारियों ने लोगों से पैसे ले लिए। मैं ऐसे लोगों को नहीं छोडूंगा। घटिया और गुणवत्ताहीन काम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होंगे। पात्र हितग्राही को लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। सभी अधिकारी यह निजी तौर पर देखें।

विकास कार्यों में गुणवत्ता में नहीं होगा समझौता

शिवराज  कहा कि सरकार जनभागीदारी से चलेगी। कोरोना संकट और टीकाकरण में जिस जनभागीदारी के माडल को अपनाया गया था, उसे अब सरकार की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से हमने जनकल्याण और सुराज अभियान की शुरुआत की है। सुराज का मतलब है कि विकास के काम गुणवत्ता के साथ पूरे हों। यह जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जिस जिले में काम हो रहे हैं, उसकी है। सीएम हेल्पलाइन की हर माह मानीटरिंग हो। प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास के कामों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा। घटिया और गुणवत्ताहीन कामों को सहन नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार के मामले में हमारी नीति जीरो टालरेंस की है।

छेड़छाड़ के मामलों सख्त कार्रवाई हो

उनके मुताबिक, गड़बड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अपने प्रदेश को जनकल्याण और सुराज के मामले में हमें एक माडल बनाकर खड़ा करना है। डेूंग से बचाव के लिए लगातार अभियान चलाया जाए। गड्ढों में दवा डालना या फागिंग का काम लगातार चलता रहे। 27 सितंबर को प्रथम डोज और दिसंबर तक द्वितीय डोज लगाने का काम पूरा करना है। अभी से सूची तैयार करें कि किसी गांव और किस वार्ड में लोग बचे हैं। डोर टू डोर संपर्क करें। वैक्सीन ही कोरोना से सुरक्षा का रामबाण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखें। कोरोना की रोकथाम के लिए निर्देशों का पालन किया जाए। महिला अपराधों को रोकने के लिए अभी और संवेदनशील होने की जरूरत है। छेड़छाड़ के मामलों में सख्त कार्रवाई हो। जनवरी 2018 से अगस्त 2021 तक महिला संबंधी अपराधों में कुल 38 आरोपितों को मृत्युदंड के दंड से दंडित किया गया है। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra