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Bhopal News: काटजू अस्‍पताल में मोबाइल की रोशनी में हुआ गर्भवती महिला का आपरेशन, ओटी लाइट हुई खराब

राजधानी भोपाल में नवनिर्मित काटजू अस्पताल में सोमवार रात में एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन मोबाइल टार्च की रोशनी में करना पड़ा। इसके पीछे की वजह ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली ओटी लाइट के अचानक खराब हो जाने की बात बताई गई है।

By Jagran NewsEdited By: Piyush KumarWed, 21 Dec 2022 04:15 PM (IST)
काटजू अस्‍पताल में मोबाइल की रोशनी में हुआ गर्भवती महिला का आपरेशन, ओटी लाइट हुई खराब

मध्य प्रदेश, भोपाल: राजधानी भोपाल में नवनिर्मित काटजू अस्पताल में सोमवार रात में एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन मोबाइल टार्च की रोशनी में करना पड़ा। इसके पीछे की वजह ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली ओटी लाइट के अचानक खराब हो जाने की बात बताई गई है। बैकअप के लिए लगाए गए जनरेटर को स्टार्ट किया तो बाकी लाइट तो चालू हो गई, लेकिन ओटी लाइट ऑन नहीं हुई ।

मोबाइल की रोशनी में गर्भवती महिला की सर्जरी

अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, वाकया सोमवार रात करीब 9 बजे से रात 11 बजे का है। इस दौरान भोपाल निवासी पूनम को प्रसव के लिए ओटी में ले जाया गया था। तभी अचानक अस्‍पताल में बिजली गुल हो गई। जनरेटर को चालू किया तो बाकी लाइट तो चालू हो गई, लेकिन ओटी टेबल फोकस लाइट चालू नहीं हो सकी। इस वजह से ओटी में मौजूद कुछ सदस्‍यों ने अपने-अपने मोबाइल की टार्च आन की और उसी की रोशनी में गर्भवती महिला की सर्जरी की गई।

ओटी की लाइट अचानक हुई खराब

गर्भवती महिला का इलाज कर रही डॉक्टरों की टीम ने काफी देर तक ओटी लाइट चालू होने का इंतजार किया। इस दौरान काटजू प्रबंधन ने हेल्थ डिपार्टमेंट के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को भी सूचित कर दिया। इधर, प्रसूता की हालत बिगड़ते देखकर स्त्री सर्जरी टीम में शामिल स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाकी टीम ने सर्जरी का फैसला किया। मौजूद स्टाफ में से तीन लोगों ने अपने मोबाइल की टार्च जलाकर फोकस बनाया और महिला की सर्जरी की गई।

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बता दें कि काटजू अस्‍पताल को कोरोना काल में डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में तब्‍दील कर दिया गया था, जहां सिर्फ कोरोना के मरीज भर्ती किए जा रहे थे। कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद इसे मेटरनिटी एंड चाइल्‍ड हास्‍पिटल में तब्‍दील कर दिया गया। इस अस्पताल में बड़े लेबर रूम के अलावा दो छोटे लेबर रूम भी बनाए गए हैं। डिलेवरी के बाद मरीज की देख-रेख के लिए पास में ही आइसीयू वार्ड भी बनाए गए हैं। जिससे डिलेवरी के बाद प्रसूता को ज्यादा दूर न ले जाना पड़े।

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