Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    'विश्व सत्य नहीं शक्ति की सुनता है, इसलिए सशक्त-सबल बनें भारत के युवा', भोपाल से मोहन भागवत का अहम संदेश

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 06:54 PM (IST)

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत भोपाल प्रवास पर युवाओं से मिले। उन्होंने कहा कि दुनिया सत्य नहीं, शक्ति की सुनती है, इसलिए भारतीय युवा ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    भोपाल में युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम।

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शुक्रवार को दो दिवसीय प्रवास पर भोपाल पहुंचे। यहां उन्होंने पहले दिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

    युवाओं से चर्चा के दौरान संघ प्रमुख डॉ. भागवत ने कहा कि विश्व सत्य नहीं शक्ति की सुनता है। दुर्बल व्यक्ति सत्य भी बोले, तो उसे कोई नहीं सुनेगा। दुनिया में एक चिंतन चला है, लोग भारत की तरफ देख रहे हैं, उन्हें कुछ देने लिए भारत के युवाओं को सशक्त बनना होगा।

    उन्होंने कहा कि शरीर, मन और बुद्धि की सबलता आवश्यक है जो अभी युवा नहीं प्राप्त कर पाए हैं।

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि तकनीक बनाने का काम मन करता है] न कि AI किसी मन को बनाता है। जिस सोच का व्यक्ति होगा, उस दिशा में तकनीक का उपयोग करेगा। खराब व्यक्ति तकनीक का गलत उपयोग ही करेगा।

    युवाओं के प्रश्नों के उत्तर में डा. मोहन भागवत ने फिर कहा कि जनसंख्या की दृष्टि से, डॉक्टर और मनोविज्ञान की दृष्टि से जन्म दर 2.1 होनी चाहिए। व्यावहारिकता में 2.1 बच्चे नहीं हो सकते हैं, इसलिए एक दंपती को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए।

    डॉ. मोहन भागवत शाम को प्रमुख जन सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इसमें भोपाल विभाग के 1500 प्रमुख जन सम्मिलित होंगे। यहां डॉ. मोहन भागवत का व्याख्यान होगा। प्रश्नोत्तर का सत्र नहीं रखा गया है।

    कल ये कार्यक्रम

    कल यानी शनिवार सुबह 9:30 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव सम्मेलन होगा, जिसमें विभिन्न समाज के लोग रहेंगे। वह शाम को भोपाल स्टेशन के पास केशव नीडम में शक्ति सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसमें भोपाल की महिलाएं सम्मिलित होंगी। इन आयोजनों में दो बड़ी बातें हैं। एक तो यह कि उन्हें बुलाया गया है जो आरएसएस के कार्यकर्ता या स्वयंसेवक नहीं हैं। दूसरा, शक्ति सम्मेलन में 40 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को आमंत्रित किया गया है।