GWALIOR NEWS: मंत्री ने पहले जूते त्यागे, अब पंचनामा लिखवाया, फिर भी अधिकारियों ने नहीं सुधारीं सड़कें
सड़कों की जर्जर स्थिति होने की सूचना पर 20 अक्टूबर को मंत्री प्रद्युम्न सिंह भ्रमण पर निकले थे। तब उन्होंने अफसरों की नाकामी पर जनता से माफी मांगते हुए संकल्प लिया था कि जब तक शहर की सड़कें दुरुस्त नहीं हो जातीं वह नंगे पैर ही रहेंगे। जूता-चप्पल नहीं पहनेंगे।

ग्वालियर, जागरण ऑनलाइन टीम। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सड़कों की बदतर दशा नहीं सुधारे जाने पर विरोध स्वरूप ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जूता-चप्पल पहनना छोड़ दिया। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से एक पंचनामा पत्र लिखवाया है, जिसमें अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आगामी 30 जनवरी तक सड़कों की दशा सुधार ली जाएगी। इस पत्र को उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया है।
20 अक्टूबर को निकले थे भ्रमण पर
बता दें कि शहर की कुछ सड़कों की जर्जर स्थिति होने की सूचना पर 20 अक्टूबर को मंत्री प्रद्युम्न सिंह भ्रमण पर निकले थे। तब उन्होंने अफसरों की नाकामी पर जनता से माफी मांगते हुए संकल्प लिया था कि जब तक शहर की सड़कें दुरुस्त नहीं हो जातीं, वह नंगे पैर ही रहेंगे। जूता-चप्पल नहीं पहनेंगे।
इसके बाद उन्होंने जूते उतार कर नंगे पांव चलना शुरू कर दिया। 23 अक्टूबर को उन्होंने जिला प्रशासन व नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद भी अधिकारियों ने काम शुरू नहीं कराया।
अधिकारी करा रहे फजीहत
सोमवार को ऊर्जा मंत्री ने नगर निगम के अपर आयुक्त अतेंद्र सिंह गुर्जर, अधीक्षण यंत्री जनकार्य जेपी पारा, अमृत योजना के कार्यपालन यंत्री जागेश श्रीवास्तव व योजना के अंतर्गत सीवर और पानी की लाइन का काम करने वाली कंपनी विष्णु प्रकाश पुंगलिया प्राइवेट लिमिटेड के इंजीनियरों के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र के गोयल मोहल्ला, काशी नरेश की गली, तामेश्वर महादेव, सुनारगली सहित अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
इस दौरान लोगों ने तोमर को बताया कि दो साल पहले सीवर व पानी की लाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गई थीं, लेकिन इन्हें सुधारा नहीं गया। इस पर ऊर्जा मंत्री ने नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों से कहा कि एक कागज पर लिखकर दें कि सड़कें कब तक ठीक हो जाएंगी। इस पर निगम अधिकारियों ने 30 जनवरी 2023 तक सड़कें सुधारने का वादा किया है। लिखा है कि इसके बाद भी सड़क न बनने पर वह कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे। बावजूद इसके सड़कें ठीक नहीं हुईं।
15 साल पहले पूर्व गृह मंत्री ने त्यागी थीं चप्पलें
प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने 2006 में चप्पलें त्याग दी थी। गरीब वर्गों के आवास के लिए उन्होंने अपने खर्च पर करीब 1000 परिवारों को टिन शेड, ईटें, सीमेंट आदि उपलब्ध करवाया था, लेकिन वे 2008 में विधानसभा चुनाव हार गए। इससे पहले कोठारी ने एक-एक रुपया जुटाकर बाल चिकित्सालय बनवाया था।
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