यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ken Betwa Project: जल्द शुरू होगी केन-बेतवा परियोजना, वन विभाग को दी गई 5439 हेक्टेयर भूमि
केन-बेतवा लिंक परियोजना केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना होने के साथ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, भोपाल। इस वर्ष नवंबर में मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनाव और अगले वर्ष अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार केन-बेतवा लिंक परियोजना के काम में गति लाएगी। यह केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना होने के साथ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। इसके लिए केंद्र सरकार ने बजट में नदी जोड़ो परियोजना के तहत 3500 करोड़ रुपये का प्रविधान रखा है।
इसे लेकर जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल वाटर डेवलपमेंट अथारिटी (एनडब्ल्यूडीए) के डायरेक्टर जनरल ने गुरुवार को दिल्ली में बैठक की। इसमें मध्य प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक कैंपा सुनील अग्रवाल वर्चुअली जुड़े। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे। दोनों राज्यों ने केन-बेतवा परियोजना को लेकर अपनी-अपनी समस्याएं बताईं और सुझाव दिए।
बैठक में बताया गया कि छतरपुर कलेक्टर ने मध्य प्रदेश वन विभाग को छह हजार 17 हेक्टेयर में से पांच हजार 439 हेक्टेयर भूमि दे दी है। शेष 578 हेक्टेयर भूमि भी जल्द हस्तांतरित कर दी जाएगी। वहीं, इस भूमि पर पौधारोपण के लिए कैंपा फंड के 39 सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं, शेष 12 सौ करोड़ और दिए जाएंगे। राज्य का वन विभाग 15 दिन में पालन प्रतिवेदन केंद्र सरकार को भेजेगा। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा औपचारिक स्वीकृति दी जाएगी, जिसके बाद हस्तांतरित भूमि का वन विभाग पौधारोपण के लिए उपयोग कर सकेगा।
उधर, शासन से सभी आवश्यक अनुमतियां मिलने पर केन-बेतवा लिंक परियोजना की टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकेगी। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन से चार माह में निविदा की प्रक्रिया कर ली जाएगी। बता दें कि 2005 में परियोजना के लिए सबसे पहले मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच समझौता हुआ था। जल बंटवारे सहित अन्य मुद्दों पर सहमति नहीं बनने से इस पर काम शुरू नहीं हो सका था।
बता दें कि 22 मार्च, 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता अनुबंध हुआ।
40 लाख से अधिक परिवारों के लिए होगी पेयजल की व्यवस्था
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से मध्य प्रदेश के पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह दतिया शिवपुरी, विदिशा और रायसेन जिले में आठ लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई की क्षमता विकसित होगी। साथ ही 40 लाख से अधिक परिवारों के लिए पेयजल की व्यवस्था होगी। 44,605 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए आगामी विशेष वर्ष के बजट में 3500 करोड़ रुपये रखे गए हैं।