ग्वालियर, जेएनएन। Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) भाजपा (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ टिप्पणी करने पर मानहानि के एक मुकदमे में शनिवार को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र सैनी के कोर्ट में पेश हुए, यहां से उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई।

कोर्ट से निकलते ही की टिप्पणी

उधर, कोर्ट से निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने फिर टिप्पणी की और कहा कि देश में नफरत व उन्माद फैलाने वाले पीएफआइ (PFI) व आरएसएस एक समान हैं। इनके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। लोगों को चिह्नित कर प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। कोर्ट में चल रहे मानहानि के मामले को लेकर उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि जो संस्था पंजीकृत नहीं है, जिसकी सदस्यता नहीं है, जिसका खाता नहीं है, उसकी मानहानि मैंने कैसे कर दी?

जानें, क्या है मामला

31 अगस्त, 2019 को दिग्विजय सिंह ने भिंड के एक राजनीतिक कार्यक्रम में संघ व भाजपा के खिलाफ बयान दिया था, जिसमें कहा था कि एक बात मत भूलिए जितने भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पाए गए हैं, वह भाजपा, आरएसएस व बजरंग दल से पैसे ले रहे हैं। एक बात और बताता हूं कि पाकिस्तान की आइएसआइ के लिए जासूसी मुसलमान कम, गैर मुसलमान ज्यादा कर रहे हैं।

दिग्विजय पर इन्होंने दायर किया मानहानि का केस

अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने इस बयान को लेकर दिग्विजय सिंह पर मानहानि का केस दायर किया है। पिछली सुनवाई पर दिग्विजय सिंह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए थे, इसलिए उन्हें जमानती वारंट पर तलब किया गया था। अब 22 नवंबर को इस मामले में आरोप तय किए जाएंगे।

हां, यह परिवार को बचाने की यात्रा

दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर भाजपा द्वारा किए जा रहे हमलों का जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि हां, यह परिवार को बचाने की यात्रा है। कांग्रेस का परिवार पूरा विश्व है और भाजपा का परिवार केवल संघ। राहुल गांधी की यात्रा को अपेक्षा से अधिक जनसमर्थन मिल रहा है। भाजपा उस परिवार को बदनाम करने का प्रयास कर रही है, जिसके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति देश को समर्पित कर दी। परिवार के दो लोगों ने बलिदान दिया। आजादी की लड़ाई में परिवार का हर सदस्य जेल गया।

मोहन भागवत पर साधा निशाना

उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत आरएसएस की नीति-रीति से हटकर मस्जिद और मदरसे में गए। यह लोग मुस्लिम टोपी लगाने से परहेज करते थे। उन्होंने इसके लिए मोहन भागवत को बधाई भी दी। उनका दावा था कि संघ प्रमुख राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के कारण इन दरवाजों पर जाने के लिए विवश हुए हैं।

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Edited By: Sachin Kumar Mishra

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