नए साल पर महाकाल में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, व्यवस्था में बदलाव, त्रिवेणी संग्रहालय से मिलेगा प्रवेश
नए साल की शुरुआत बहुत लोग पूजा-अर्चना के साथ करते हैं। इसी वजह इस दिन मंदिरों में आस्था का जनसैलाब देखने को मिलता है। नए साल पर हर साल उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

मध्य प्रदेश, उज्जैन: नए साल की शुरुआत बहुत लोग पूजा-अर्चना के साथ करते हैं। इसी वजह इस दिन मंदिरों में आस्था का जनसैलाब देखने को मिलता है। नए साल पर हर साल उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी रविवार-सोमवार को दो दिन में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को महाकाल के दर्शनों में परेशानी नहीं आए। भक्तों को त्रिवेणी संग्रहालय के रास्ते मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। वाहनों की पार्किंग आदि के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
भक्तों के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से व्यवस्था
मंदिर प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि महाकाल दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को श्री महाकाल महालोक के पिनाकी द्वार से चारधाम मंदिर की ओर प्रवेश दिया जाएगा। इस व्यवस्था से दर्शनार्थी सीधे जूता-चप्पल स्टैंड स्थल पर पहुंचेंगे। श्रीमहाकाल महालोक में लडडू प्रसाद काउंटर भी है। भक्त महाकाल दर्शन करने के बाद लौटते समय इन काउंटरों से लडडू प्रसाद खरीद सकते हैं। मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि लाइन में लगे श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी के इंतजाम के साथ ये भी प्लान है कि सभी भक्त गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कर पाएंगे।
प्रोटोकॉल का गेट नंबर चार से प्रवेश
भीड़ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 24 दिसंबर से गर्भगृह व नंदी हाल में भक्तों का प्रवेश प्रतिबंधित कर रखा है। प्रशासक ने बताया कि भीड़ की स्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था प्रबंध समिति के निर्णय अनुसार पांच जनवरी तक लागू रहेगी। इसके अलावा, VIP बेगमबाग होते हुए भारत माता मंदिर और फिर प्रशासक कार्यालय के सामने से प्रवेश करेंगे। 250 रुपए की शीघ्र दर्शन की रसीद लेने वाले भक्त महाकाल थाने के पीछे से एंट्री कर बड़े गणेश के पास गली से गेट नंबर चार से एंट्री लेंगे। मंदिर के गेट नंबर 4 से मीडिया पुजारी और 250 शीघ्र दर्शन के लिए प्रवेश रहेगा।
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