यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उज्जैन के महाकाल मंदिर में आरती के समय में आज से किया जा रहा बदलाव, जानें इसकी नई समय सारिणी
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में हर दिन पांच दफा की जाने वाली आरती की समय सूची में बदलाव किया जा रहा ...और पढ़ें

भोपाल, जागरण आनलाइन डेस्क। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा सोमवार से भगवान महाकाल की दिनचर्या में कुछ बदलाव किया जाएगा। मंदिर में हर दिन पांच बार आरती की जाती है। अब इनमें से तीन आरती की समय सूची में बदलाव किया जाएगा। हालांकि, तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती तथा रात 10.30 बजे होने वाली शयन आरती अपने निर्धारित समय पर ही होगी।
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आरती के लिए तय किया गया नया समय
पुजारी प्रदीप गुरु ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में शरद पूर्णिमा से सर्दी की शुरुआत मानी जाती है। इसके अगले दिन कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से प्रतिदिन होने वाली पांच में से तीन आरती का समय बदलता है।
सोमवार से सुबह 7 बजे होने वाली बाल भोग आरती 7.30 से 8.15 बजे तक होगी। इसके बाद नैवेद्य आरती सुबह 10 बजे की बजाय 10.30 से 11.15 बजे तक होगी। वहीं, संध्या आरती शाम को 7 बजे की बजाय 6.30 से 7.15 बजे तक होगी।
पांच बजे संध्या पूजा होगी
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन शाम 5 बजे संध्या पूजा की जाती है। इस दौरान पुजारी भगवान महाकाल का अभिषेक पूजन कर भांग व सूखे मेवे से आकर्षक श्रृंगार करते हैं। इसके बाद संध्या आरती की जाती है। वर्षभर भगवान महाकाल की सवारी आदि विशिष्ट अवसरों को छोड़कर संध्या पूजा निर्धारित समय पर शाम 5 बजे होती है।
आज शरदपूर्णिमा के अवसर पर लगेगा केसरिया दूध का भोग
महाकाल मंदिर में शनिवार को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। संध्या आरती में भगवान महाकाल को केसरिया दूध का भोग लगाकर आरती की जाएगी। भगवान का विशेष श्रृंगार होगा।
दशहरा मिलन समारोह का भी आयोजन
अकोदिया मंडी के गल्ला व्यापारी संघ का दशहरा मिलन कार्यक्रम कृषि उपज मंडी में आयोजित किया गया। इस दौरान सभी व्यापारीयों ने गले मिलकर दशहरा पर्व की बधाई दी एवं छोटों ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
