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    भोपाल वक्फ बोर्ड घोटाला: संपत्तियों को मनमाने ढंग से किराये पर देने से 2.54 करोड़ का नुकसान, तीन पर एफआईआर

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 03:45 PM (IST)

    मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की भोपाल स्थित संपत्तियों में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने कम किराये पर संपत्तियां द ...और पढ़ें

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    डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की भोपाल स्थित संपत्तियों में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने वक्फ बोर्ड की औकाफ आम्मा संपत्तियों को नियमों की अनदेखी कर किराये पर देने और बिना अनुमति निर्माण की स्वीकृति देने के मामले में तीन आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के उप सचिव की शिकायत पर करीब दो वर्ष चली जांच के बाद की गई है।

    जांच में प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन मुतवल्ली शौकत मोहम्मद, सचिव फुरकान अहमद और सह-सचिव मोहम्मद जुबेर को आरोपी बनाया है।

    कम किराये पर लीज, बोर्ड को करोड़ों की चपत

    ईओडब्ल्यू जांच में खुलासा हुआ कि सैकड़ों वक्फ संपत्तियों को नियमों को दरकिनार कर बेहद कम दाम पर किराये पर दिया गया। जांच के दायरे में आई 185 वक्फ संपत्तियों का कुल क्षेत्रफल करीब 83 हजार वर्गफुट है। कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार इन संपत्तियों की कुल कीमत 59 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी।

    नियमों के तहत इन संपत्तियों से हर वर्ष लगभग 2 करोड़ 76 लाख रुपये का किराया मिलना चाहिए था, लेकिन वास्तव में वक्फ बोर्ड को सालाना सिर्फ करीब 21 लाख रुपये ही प्राप्त हुए। इस तरह बोर्ड को करीब 2.54 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ।

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    किरायेदारी परिवर्तन के नाम पर नए पट्टे

    जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 185 मामलों में किरायेदारी में बदलाव किया गया। कागजों में इसे “किरायेदारी परिवर्तन” दर्शाया गया, जबकि वास्तविकता में पुराने किरायेदारों को हटाकर नए लोगों को नए पट्टे (लीज) दे दिए गए। इसके अलावा कई वक्फ संपत्तियों पर बिना सक्षम अनुमति के स्थायी निर्माण कार्य भी करा दिए गए।

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    ईओडब्ल्यू के अनुसार इन सभी अनियमितताओं से वक्फ बोर्ड को भारी वित्तीय क्षति पहुंची है। फिलहाल मामले में विस्तृत जांच जारी है और अन्य जिम्मेदारों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।