यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chhath Puja 2022, Bhopal: भोपाल में छठ पूजा के दौरान हादसा, आतिशबाजी से लगी आग
Chhath Puja 2022 Bhopalमध्य प्रदेश के भोपाल में छठ पूजा के दौरान सोमवार सुबह अर्घ्य देने के बाद आतिशबाजी करते ...और पढ़ें

भोपाल, जागरण आनलाइन डेस्क। Chhath Puja 2022, Bhopal: मध्य प्रदेश के भोपाल के भेल में छठ पूजा के अंतिम दिन सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पटाखे फोड़ने के दौरान आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया।
मिली जानकारी के अनुसर छठ पूजा के दौरान खुशी जाहिर करने के लिए पटाखे जलाये जा रहे थे, उसी दौरान चिंगारी टेंट में रखे गद्दों तक पहुंच गई और आग लग गई। घटना के कुछ ही देर में काफी संख्या में वहां लोग जमा हो गए, इससे हुए नुकसान के बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पायी है।
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— NaiDunia (@Nai_Dunia) October 31, 2022
टल गया बड़ा हादसा
गौरतलब है कि चार दिवसीय छठ महा पर्व का आज सुबह सूर्य को जल अर्पित करने के बाद समापन हो गया है। इसी की बाद घाट पर उपस्थित लोगों ने आतिशबाजी की थी जिसकी चिंगारी वहां लगे टेंटों तक पहुंच गयी और आग लग गयी। आग लगते ही सूचना दमकल विभाग को दी गई जिसके बाद जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
ठंडी हवाओं के बीच पानी में खड़े रहे व्रती
पूरे शहर में लगभग 110 जगहों पर छठ पर्व का उल्लास सुबह 4 बजे से ही दिख रहा था। सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के लिए लोगों में भक्तिभाव के साथ हर्ष और उल्लास भी नजर आ रहा था। ठंडी हवाओं के बीच पानी में खड़े होकर व्रतियों ने स्वस्थ जीवन की कामना के साथ सूर्य भगवान को अघ्य दिया।
व्रतियों ने देव नमस्तुंभ्यं प्रसीद मम भास्कर, दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोस्तुते और ओम सूर्याय नम के उच्चारण के साथ सूर्य भगवान को जल अर्पित किया। घर, समाज के साथ प्रदेश व देश की सुख समृद्धि की भी कामना की गई।
36 घंटे के निर्जला व्रत का हुआ पारण
व्रतियों ने हाथों और सिर पर बांस की टोकरी और सुपड़ी पकड़ी हुई थी। जिसमें प्रसाद स्वरूप मौसमी फल व अन्य सामग्री रखी हुई थी। इस कार्य में व्रतियों के परिजन भी पूरे भक्तिभाव से सहयोग दे रहे थे।
सूर्य देव को जल अर्पण करने के बाद 36 घंटे के इस निर्जला व्रत का पारण किया गया। इसके बाद आयोजन स्थल पर व्रतियों ने फल और ठेकुआ का प्रसाद भी वितरित किया।
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