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    Ex Bishop Investigation : पूर्व बिशप पीसी सिंह के खिलाफ 300 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला, FIR दर्ज; जांच शुरू

    By Jagran NewsEdited By: Babita Kashyap
    Updated: Tue, 11 Oct 2022 08:46 AM (IST)

    Ex Bishop Investigation बिशप के पद से हटाए जा चुके पीसी सिंह और उनके साथियों ने पचमढ़ी में तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इसमें अन्‍य आरोपितों के नाम भी सामने आये हैं।

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    पीसी सिंह और उनके साथियों ने पचमढ़ी में तीन सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की थी

    जबलपुर, जागरण आनलाइन डेस्‍क। Ex Bishop Investigation : मध्‍य प्रदेश के जबलपुर में बिशप के पद से हटाए जा चुके पीसी सिंह और उनके साथियों ने पचमढ़ी में तीन सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की थी। पीसी सिंह ने अपने मुख्य राजदार सुरेश जैकब, संजय सिंह और रचना सिंह बीके नायक के साथ मिलकर ये फर्जीवाड़ा किया था।

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    300 करोड़ की धोखाधड़ी

    ये मामला नागपुर डायोसेसन ट्रस्ट एसोसिएशन (एनडीटीए) से संबंधित है। छत्‍तीसगढ़ के सोशल वर्कर नितिन लॉरेंस ने पीसी सिंह और उनके साथियों के खिलाफ आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश के एनडीटीए के पचमढ़ी के क्राइस्ट चर्च क्षेत्र में स्थित एक लाख पांच हजार 837 वर्ग फुट जमीन को नष्ट कर दिया गया है, जिसमें करीब तीन सौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।

    नागपुर पुलिस ने दर्ज किया मामला

    नागपुर पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सैकड़ों करोड़ की इस धोखाधड़ी में पूर्व बिशप पीसी सिंह, सुरेश जैकब, रचना सिंह और संजय सिंह मुख्य आरोपित हैं। लॉरेंस के अनुसार नागपुर के सदर थाने की टीम पहले भी कई बार शहर आ चुकी थी लेकिन पीसी सिंह और उसके गुर्गों को पकड़े बिना लौट गई।

    लॉरेंस ने पीसी सिंह पर देशद्रोही गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। लॉरेंस ने बताया कि न केवल पीसी सिंह, बल्कि उनके गुर्गे संजय सिंह, रचना सिंह, सुरेश जैकब, पिंटू तिवारी और डेनिस लाल के पास भी बड़ी संपत्ति है।

    नागपुर में छिपने की बनायी थी योजना  

    पीसी सिंह को ईओडब्ल्यू ने नागपुर में पकड़ा था। जर्मनी से लौटने के बाद वह फरारी काटने के लिए नागपुर में थे, जिसे लेकर रचना सिंह ने सारी तैयारी कर ली थी। रचना सिंह ने एनडीटीए द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों की फीस में करीब 15 करोड़ रुपये का गबन किया था। ऑडिट रिपोर्ट में भी इस गबन का खुलासा हो चुका है।

    जानें क्‍या है मामला

    ईओडब्ल्यू ने 8 सितंबर को पीसी सिंह के घर और कार्यालय पर छापा मारा था। इस कार्रवाई में 1 करोड़ 65 लाख रुपये नकद, 80 लाख 72 हजार रुपये के सोने के आभूषण, 118 पाउंड, 18 हजार 352 अमेरिकी डॉलर, 48 के दस्तावेज समेत 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।

    बैंक खाते जब्त किए गए। दो करोड़ तीन लाख रुपये के दस एफडीआर मिली है। 174 बैंक खातों में से 128 पीसी सिंह, उनके रिश्तेदारों और संगठनों के हैं। पीसी सिंह फिलहाल जेल में है।

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