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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Odisha: एक ही रात में लखपति बन गए मछुआरे, 35 लाख रुपए में बिकी 28 तोलिया मछली

By Jagran NewsEdited By: Babita Kashyap
Published: Mon, 10 Oct 2022 02:16 PM (IST)

ओडिशा के बालेश्‍वर में मछली पकड़ने वाली जाल में कुछ दुर्लभ मछलियों के फंस जाने से कुछ मछुआरों की किस्‍मत ...और पढ़ें

यह मछली प्रति किलो 14 हजार रुपये में बिकी, जिसे कोलकाता के एक फार्मा कम्पनी ने खरीदा है।
यह मछली प्रति किलो 14 हजार रुपये में बिकी, जिसे कोलकाता के एक फार्मा कम्पनी ने खरीदा है।

भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। दैनिक समुद्र में जाकर मछली पकड़कर अपने परिवार का गुजारा करने वाले कुछ मछुआरे अचानक एक ही रात में लखपति बन गए हैं। बालेश्वर जिले के जलेश्वर अन्तर्गत मोहना के कुछ मछुआरों को यह सफलता मिली है।

मछली पकड़ने वाली जाल में कुछ दुर्लभ मछलियों के फंस जाने से मानों मछुआरों की किस्‍मत ही बदल गई। मछुआरों ने मछली को मोहना मछली मार्केट लाए और इसे 35 लाख रुपये में बेचा है।

14 हजार रुपए प्रति किलो बिकी मछली

जानकारी के मुताबिक, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल की सीमा पर दीघा समुद्र में रविवार को कुछ मछुआरे मछली पकड़ने गए थे। सोमवार को ये मछुआरे अपने साथ 28 तोलिया भोला मछली लेकर लौटे। इस मछली को बेचने के लिए मोहना मछली मार्केट में ले गए। यह मछली प्रति किलो 14 हजार रुपये में बिकी, जिसे कोलकाता के एक फार्मा कम्पनी ने खरीदा है।

खुशी के मारे फूले नहीं समा रहे मछुआरे

प्रत्येक मछली का वजन 8 से 10 किलो के बीच बताया गया है। ऐसे में 14 हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से मछुआरों को कुल मिलाकर 35 लाख रुपये मिला। इतनी बड़ी रकम एक साथ पाकर मछुआरे खुशी के मारे फुले नहीं समा रहे थे। हों भी क्यों ने एक ही रात में उनकी किस्‍मत बदल गई और वह लखपति बन गए।

अल्‍कोहोल भी किया जाता है तैयार

इन मछुआरों ने कहा है कि इस मछली का उपयोग दवा बनाने में किया जाता है। इसके अलावा इस मछली को विदेशी शराब कंपनियां भी अल्कोहल तैयार करने के कार्य में भी प्रयोग करने के लिए खरीदती हैं।

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