निजीकरण के विरोध में कर्मी लामबंद

By Edited By: Publish:Mon, 03 Feb 2014 07:03 PM (IST) Updated:Mon, 03 Feb 2014 07:04 PM (IST)
निजीकरण के विरोध में कर्मी लामबंद

अनपरा (सोनभद्र) : निजीकरण के विरोध व अन्य मांगों के समर्थन में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा सोमवार को अनपरा परियोजना के मुख्य द्वार के समक्ष आम सभा व विरोध प्रदर्शन कर अपना रोष जताया गया।

सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विद्युत वितरण में घाटे व लाइन हानियों के नाम पर एक अप्रैल 2010 को आगरा की बिजली व्यवस्था निजी फ्रेंचाइजी मेसर्स टोरेंट पावर कंपनी लिमिटेड को सौंपी गई थी। प्रबंधन द्वारा लिखित दिया गया था कि फ्रेंचाइजी से अपेक्षित लाभ मिलेगा। चार वर्ष बाद स्पष्ट हो गया है कि आगरा के फ्रेंचाइजीकरण में पावर कारपोरेशन को भारी घाटा हो रहा है।

इस संबंध में सीएजी द्वारा भी अपनी रिपोर्ट में क्षति होना दर्शाया गया है। वक्ताओं ने रोष जताते हुए कहा कि 28 मई 2013 को लिखित तौर पर सूचना दी गई थी कि गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर व वाराणसी के निजीकरण का कोई निर्णय नहीं है। इसके बावजूद इन शहरों को निजी फ्रेंचाइजी को सौंपने हेतु सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया समझौते का उल्लंघन है जिसे सहन नहीं किया जाएगा। कहा कि लंबे समय से विद्युत कर्मियों के मांगों की अनदेखी की जा रही है।

पदाधिकारियों ने बताया कि यदि तत्काल समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो छह फरवरी को लखनऊ में शक्तिभवन सहित जोन / परियोजना मुख्यालयों पर सामूहिक सत्याग्रह किया जाएगा। 17 फरवरी से 48 घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बावजूद सकारात्मक हल नहीं निकला तो 29 फरवरी की सुबह छह बजे से 24 घंटे की पूर्ण हड़ताल की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन विसंभर सिंह ने किया एवं सभा की अध्यक्षता इं. मणिंद्रनाथ ने की।

इस अवसर पर अभियंता संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष मोहम्मद फिरोज, विद्युत मजदूर संघ के अध्यक्ष डीसी शर्मा, बीएमएस के गिरीश पांडेय, इंटक के हरदेव नारायण तिवारी, अजय कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

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