कानून दबाए बैठी है खाकी

गाजीपुर : अतिक्रमण नगर के लिए नासूर समस्या बना है। समाधान हाथ में है और अधिकार भी। अतिक्रमण करने वाल

By Edited By: Publish:Wed, 26 Nov 2014 07:14 PM (IST) Updated:Wed, 26 Nov 2014 07:14 PM (IST)
कानून दबाए बैठी है खाकी

गाजीपुर : अतिक्रमण नगर के लिए नासूर समस्या बना है। समाधान हाथ में है और अधिकार भी। अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए कई कानून है लेकिन खाकी उसका उपयोग नहीं कर पा रही है। इससे अतिक्रमणकारी दिन पर दिन सड़कों पर कब्जा कर रहे हैं। नगर हो या ग्रामीण क्षेत्र हर जगह सड़कों पर अतिक्रमण किया गया है।

समय-समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमण तो हटाया जाता है लेकिन स्थिति कुछ दिन बाद यथावत हो जाती हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति मिश्रबाजार, लंका, महुआबाग, लालदरवाजा, टाउन हाल, चीतनाथ, नवाबगंज आदि जगहों की है। पटरियों पर अतिक्रमण की वजह से यहां रोजाना जाम लगाता हैं। यही करण है कि स्कूली बच्चे व राहगीर घंटों जाम में फंसकर परेशान होते है।

क्या कहता है कानून

सार्वजनिक स्थलों, मार्ग आदि पर अतिक्रमण करने के मामले में भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) के तहत तीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। इनमें एक हजार रुपये जुर्माना से लेकर एक साल तक की सजा का भी प्रावधान है।

धारा-447, 448 आइपीसी

सार्वजनिक स्थल या मार्ग पर अतिक्रमण करने वाले पर उस विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, जिसकी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। मुकदमा दर्ज कराने से 15 दिन पहले नोटिस देना जरुरी है।

दंड : एक हजार रुपये जुर्माना या एक वर्ष का कारावास ।

धारा-290 आइपीसी

पुलिस अपनी तरफ से भी बिना नोटिस के इस धारा के तहत कार्रवाई कर सकती है।

दंड : दो हजार रुपये तक जुर्माना। यह जुर्माना सीजेएम कोर्ट से ही किया जा सकता है।

धारा 16/26 ए, बी, सी

यूपी अरबन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 1973 की धारा 16/26 ए, बी, सी के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।

दंड : तीनों में दो-दो हजार जुर्माना और एक साल तक कारावास का प्रावधान है।

-इन धाराओं में 26 सी में बिना नोटिस दिए पुलिस मुकदमा दर्ज करा सकती है।

अतिक्रमण हटाने की बन रही योजना

नगरपालिका की सड़क नाली व भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की योजना बन रही है। इससे कुछ हद तक शहर को जाम से निजात भी मिलेगी। इसके लिए राजस्व, नगरपालिका व पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से सर्वे कराकर अभियान चलाएंगी। दोबारा अतिक्रमण न हो, इसे सुनिश्चित कराना या अतिक्रमणकारी पर मुकदमा दर्ज करना पुलिस की जिम्मेदारी है।

- अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका।

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